Older Kidney Donation: किडनी डोनेशन को लेकर लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि क्या 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग सुरक्षित रूप से अपनी किडनी को दान कर सकते हैं? अब एक नई मेडिकल स्टडी में ऐसा दावा किया गया है कि सही स्वास्थ्य जांच के बाद चुने गए कुछ वरिष्ठ डोनर्स के लिए किडनी दान आम तौर पर सुरक्षित हो सकता है और लंबे समय तक उनके स्वास्थ्य पर कोई असर भी नहीं होता है।

Older Kidney Donation पर क्या कहती है ये नई स्टडी
रिसर्च में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के 131 लिविंग किडनी डोनर्स को शामिल किया गया है इन सभी लोगों को करीब 12 साल तक निगरानी में रखा गया था ताकि यह समझ जा सके, कि किडनी दान होने के बाद उनके सेहत और किडनी के कार्य क्षमता पर क्या असर पड़ा है। इसके अध्ययन के दौरान पाया गया की किडनी दान होने के बाद शुरुआती समय में किडनी की कार्य क्षमता में कुछ कमी देखने को मिली है लेकिन बाद में कई सालों तक यह अधिकतर लोगों में स्थिर बनी हुई है किसी भी दाता को अध्ययन के दौरान डायलिसिस थेरेपी की जरूरत नहीं पड़ीहै।
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क्या केवल उम्र ही सबसे बड़ा रिस्क होता है?
स्टडी का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि केवल अधिक उम्र का होना अपने आप में बड़ा रिस्क नहीं है यहां तक की 70 साल या उससे ज्यादा उम्र की कई लोगों में भी किडनी की कार्य क्षमता सामान्य रूप से स्थिर दिख रही है। रिसर्च करने वाले लोगों के मुताबिक कितनी दान का फैसला केवल उमर को देखकर नहीं होना चाहिए इसके बजाय व्यक्ति की पूरी मेडिकल जांच अन्य स्वास्थ्य पहलू को भी अध्ययन होना बहुत जरूरी है।
किन लोगों में ज्यादा सावधानी की है जरूरत?
रिसर्च के मुताबिक कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भविष्य में किडनी की कार्य क्षमताओं को प्रभावित कर सकती है इनमें हाई ब्लड प्रेशर अधिक बॉडी मास इंडेक्स किडनी की शुरुआती अनुकूलन क्षमता कम होना और कुछ मामलों में महिला दाता आदि भीशामिल है। यही कारण है कि डॉक्टर किडनी दान करने से पहले ब्लड प्रेशर वजन किडनी फंक्शन और अन्य सभी जरूरी मेडिकल जांच कर लेते हैं अगर सभी रिपोर्ट सामान्य आती है तभी किडनी दान दी जाती है।
अब सर्जरी कितनी सुरक्षित रही?
इसकी अध्ययन में गंभीर सर्जिकल जटिलताएं बहुत कम देखने को मिली है केवल लगभग 2.3 प्रतिशत डोनर्स में ही गंभीर ऑपरेशन संबंधित समस्या देखने को मिली है अधिकांश लोगों की रिकवरी तो सामान नहीं दिख रही और लंबे समय तक उनके जीवन गुणवत्ता पर कोई नेगेटिव प्रभाव भी नहीं मिला है।
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इस स्टडी का क्या मतलब दिखा है?
अंगदान की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अध्ययन महत्वपूर्ण हो जाता है इससे हमें पता चलता है कि स्वस्थ वरिष्ठ नागरिक यदि सभी मेडिकल मानक पर खरे उतर जाते हैं तो उन्हें केवल उम्र के आधार पर किडनी दान से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि हर व्यक्ति का स्वास्थ्य अलग होता है इसलिए अंतिम निर्णय डॉक्टर की जांच और सलाह के बाद ही होना चाहिए।




