Jio Platform IPO: मुकेश अंबानी का सबसे बड़ा दांव, ग्रे मार्केट में 24% का फायदा

New strategic options being considered for Jio, no announcement yet on IPO

Jio Platform IPO: मुकेश अंबानी भारतीय शेयर बाजार में इतिहास रचने जा रहे हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आज से आम लोगों के लिए खुल गया है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है – 30,213 करोड़ रुपये का

ग्रे मार्केट में आते ही इसने 24.6% का प्रीमियम ले लिया है. अगर आप भी इसमें पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो पूरी खबर ध्यान से पढ़िए.

ग्रे मार्केट में क्या भाव है?

गौरतलब है कि, आज यानी बुधवार 21 अक्टूबर सुबह इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 276 रुपये था.

IPO का अपर प्राइस है 1119 रुपये
प्रीमियम है 276 रुपये
लिस्टिंग का अनुमान है 1395 रुपये

मतलब 24.6% लिस्टिंग गेन का इशारा है. लेकिन ध्यान रखिए ग्रे मार्केट का भाव आधिकारिक नहीं होता, लिस्टिंग तक इसमें बदलाव आ सकता है.

एंकर में ही 8110 करोड़ जुटा लिए

आईपीओ खुलने से पहले सोमवार को एंकर बुक में ही एलआईसी, ब्लैकरॉक, फिडेलिटी जैसे बड़े निवेशकों ने 8110 करोड़ रुपये लगा दिए हैं. इससे इस इश्यू को मजबूत आधार मिल गया है.

IPO की मुख्य जानकारी

इश्यू साइज – 30,213 करोड़ रुपये, पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है.
प्राइस बैंड – 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर
कब तक खुला है – 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा.

वैल्यूएशन -1119 रुपये के भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये होगा. पैसे का इस्तेमाल – इसमें से 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज चुकाने में लगेगा. लॉट साइज – एक लॉट में 12 शेयर हैं, इसके लिए 13,428 रुपये लगाने होंगे.

अलॉटमेंट – 26 अक्टूबर को होगा.

लिस्टिंग – 28 अक्टूबर को बीएसई और NSE पर होगी.

एक्सपर्ट क्या बोल रहे हैं?

मोतीलाल ओसवाल – इन्होंने लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि दोनों के लिए सब्सक्राइब बोला है. जून 2026 तक जियो के पास 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर थे. देश का 60% डेटा ट्रैफिक जियो के नेटवर्क से जाता है. कंपनी के पास अपनी 5जी टेक्नोलॉजी, 7200 से ज्यादा पेटेंट और एआई-क्लाउड में निवेश है. लेकिन कमाई का मुख्य जरिया अभी भी टेलीकॉम ही है.

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट – इन्होंने भी सब्सक्राइब बोला है. इनके हिसाब से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा जियो को मिलेगा. जियो का वैल्यूएशन 33 के पी/ई पर है, जो एयरटेल के 41 के पी/ई से सस्ता है. हालांकि एयरटेल का एआरपीयू अभी बेहतर है.

केनरा बैंक सिक्योरिटीज – इन्होंने लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब बोला है. 2जी से 4जी-5जी में शिफ्ट, होम ब्रॉडबैंड और जियोब्रेन एआई प्लेटफॉर्म से आने वाले समय में मुनाफा बढ़ेगा.

कंपनी की कमाई कैसी है?

वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 1.28 लाख करोड़ था. शुद्ध मुनाफा 26,109 करोड़ से बढ़कर 30,049 करोड़ हो गया. एबिटा 64,170 करोड़ से बढ़कर 76,255 करोड़ हो गया.

अलॉटमेंट के चांस कैसे बढ़ाएं?

अगर आपके पास 14 अक्टूबर 2026 तक रिलायंस का 1 शेयर भी था, तो आप 2500 करोड़ के शेयरहोल्डर कोटे के लिए पात्र हैं.

डबल एप्लीकेशन – आप एक पैन से दो अर्जी लगा सकते हैं. एक रिटेल कोटे में, दूसरी शेयरहोल्डर कोटे में. इससे दो जगह से मौका मिलेगा.

शेयरहोल्डर कोटे में – आप 1 लॉट से लेकर 14 लॉट तक लगा सकते हैं. 1 लॉट मतलब 13,428 रुपये और 14 लॉट मतलब 1,87,992 रुपये। ज्यादा लॉट से फायदा हो सकता है.

फैमिली वाला तरीका – अगर घर में अलग-अलग लोगों के पास RIL का शेयर था तो सब अपने-अपने पैन से अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं.

रिस्क क्या है?

कंपनी की कमाई अभी टेलीकॉम पर निर्भर है. 5जी और एआई में पैसा लग रहा है, रिटर्न में समय लगेगा. एयरटेल से तगड़ा कॉम्पिटिशन है.

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