Jio IPO को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन, संस्थागत निवेशकों ने दिखाई बड़ी दिलचस्पी

Jio IPO subscribed 22.19 times; strong demand from institutional investors

Jio IPO subscription को निवेश करने वाले लोगों का शानदार सपोर्ट मिला है। 30213 करोड रुपए के इस इश्यू में इंस्टीट्यूशन निवेदक ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के साथ कंपनी की फाइनेंसियल स्थिति और भविष्य की कमाई को समझना जरूरी होता है।

Jio IPO subscribed 22.19 times; strong demand from institutional investors

जियो आईपीओ सब्सक्रिप्शन आखिर कितना रहा?

जिओ प्लेटफार्म का Jio IPO subscription 21 अक्टूबर से लेकर 23 अक्टूबर 2026 तक खुला था। अंतिम दिन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसका इशू कल 22 पॉइंट 19 गुना तक सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी में इस आईपीओ के जरिए लगभग 30213 करोड रुपए जताने के प्लानिंग बनाई थी यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इसके शेयर का प्राइस बैंड 1065 से लेकर 1119 प्रति शेयर रखा गया है। इस यीशु में 27 करोड नए शेर जारी किए गए हैं और इसमें मौजूदा निवेश करने वाले लोगों के हिस्सेदारी बेचने वाले ऑफर फॉर सेल में बिल्कुल भी शामिल नहीं थी।

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संस्थागत निवेशकों ने इस में सबसे ज्यादा लगाई बोली

Jio IPO subscription के अंतिम आंकड़ों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स सबसे आगे दिख रहे हैं इस श्रेणी में 70.55 गुना तक सब्सक्राइब मिला है। वहीं गैर इंस्टीट्यूशन निवेश करने वाले लोगों की श्रेणी 14 गुण और खुदरा निवेशकों की श्रेणी 2.72 गुना तक सब्सक्राइब हुई है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 2.93 गुण और रिलायंस के योग्य शेरधारक के श्रेणी को 7.60 गुना तक सब्सक्रिप्शन मिला है इन आंकड़ों से पता चलता है कि संस्थागत निवेशकों की मांग सबसे मजबूत है। हालांकि ज्यादा सब्सक्रिप्शन का मतलब या नहीं होता है कि शेयर सूचीबद्ध होने के बाद निश्चित रूप से ही मुनाफा मिलेगा। इसकी कीमत पर बाजार की स्थिति कंपनी के रिजल्ट और निवेश करने वाले लोगों की मांगों का भी असर पड़ता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के बीजनेस में क्या हैं संभावनाएं?

जिओ प्लेटफॉर्म्स का बिजनेस टेलीकॉम और डिजिटल सेवा पर आधारित होता है मोबाइल इंटरनेट के अलावा हम ब्रांड, बैंड इंटरप्राइजेज सेवाएं क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कंपनी के लिए आगे बढ़ाने के ऑप्शन भी उपलब्ध है। आईपीओ से मिलने वाली राशि में से 27500 करोड रुपए तक का इस्तेमाल सहायक कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या फिर समय से पहले भुगतान करने के लिए किया जाना है। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट की जरूरत के लिए ही इस्तेमाल होगी। इसका कर्ज घटना से ब्याज का बोझ कम हो सकता है लेकिन निवेश करने वाले लोगों को यह भी देखना होगा कि कंपनी के कमाई और नगदी प्रवाह में कितना सुधारहै।

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क्या जियो आईपीओ में निवेश करना फायदेमंद होता है?

Jio IPO subscription के आंकड़े निवेदक की मांग को दिखाते हैं लेकिन भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं देते हैं निवेश करने से पहले कंपनी का मूल्यांकन, मुनाफा कर्ज और विकास की प्लानिंग को समझ लेना जरूरी होता है। ग्रे मार्केट प्रीमियम को भी निश्चित लिस्टिंग गेम नहीं मानना चाहिए क्योंकि अनौपचारिक बाजार का संकेतक है और बदल भी सकता है। कुल मिलाकर जिओ प्लेटफार्म के आईपीओ को इंस्टीट्यूशन निवेशकों से मजबूत सपोर्ट मिला है अब निवेश करने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि कंपनी भविष्य में अपने बिजनेस की वृद्धि को टिकाऊ कमाई में कितना बदलता है।

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