झारखंड छात्र आंदोलन में दिखे ‘पुष्पा’ और ‘स्पाइडर मैन’, विधानसभा मार्च में किया प्रदर्शन

protest

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को आंदोलन के 17वें दिन बड़ी संख्या में छात्र और युवा रांची में विधानसभा की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज भी किया। इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

‘पुष्पा’ बनकर पहुंचा प्रदर्शनकारी

इस प्रदर्शन के दौरान एक शख्स फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की वेशभूषा में नजर आया। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि झारखंड के छात्र न्याय मिलने तक न झुकेंगे और न ही पीछे हटेंगे।

उसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों का भी जिक्र किया। उसका कहना था कि वहां छात्रों के समर्थन में कई अभिनेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पहुंचे थे। ऐसे में झारखंड के छात्रों की आवाज को भी देशभर में सुना जाना चाहिए और इस मुद्दे को राष्ट्रीय मीडिया में जगह मिलनी चाहिए।

सरकार से छात्रों की मांग

‘पुष्पा’ के रूप में पहुंचे प्रदर्शनकारी ने कहा कि जैसे माता-पिता अपने बच्चों की बात सुनते हैं, वैसे ही सरकार को भी छात्रों की बात सुननी चाहिए। उसने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्रों को न्याय देना ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार होगा।

मार्च में दिखा ‘स्पाइडर मैन’ भी

प्रदर्शन के दौरान एक युवक ‘स्पाइडर मैन’ की वेशभूषा में भी नजर आया। उसने कहा कि अगर सरकार छात्रों की आवाज नहीं सुन रही है, तो उनकी बात दूर-दूर तक पहुंचाने के लिए वह इस अंदाज में आंदोलन में शामिल हुआ है। उसका कहना था कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए।

17वें दिन भी जारी रहा आंदोलन

जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया।

इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्रनाथ महतो भी मार्च में शामिल हुए। वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य कारणों से एंबुलेंस में बैठकर प्रदर्शन में पहुंचे।

छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और उनकी अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। फिलहाल रांची में यह मुद्दा राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *