इटली। स्कूल ड्रेस के बजाए बुर्का और नकाब पहने जाने को लेकर अब इटली में मुद्रदा गर्मा गया है। इटली सरकार की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का ऐलान की है। उन्होंने कहां कि सरकार जल्द ही कैबिनेट में इसके लिए प्रस्ताव पास करेगी। मेलोनी ने कहा कि स्कूलों में चेहरा ढका नहीं होना चाहिए। अब मेलोनी सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संसद में भेजा जाएगा। इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी मिलना जरूरी होगा।
विदेशी छात्रों पर भी सरकार फोकस
इटली सरकार स्कूलोें में बुर्का और नकाब पर रोक लगाकर ड्रेस कोड को लागू करने के साथ ही स्कूलों में विदेशी छात्रों पर भी फोकस कर रही है। सरकार विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने की योजना बना रही है। इतना ही नही विदेशी छात्रों के माता-पिता को इटैलियन भाषा सीखना अब अनिवार्य किया जा रहा है। जिससे उनके बच्चों को स्कूल में घुलने-मिलने और इटली की शिक्षा व्यवस्था में शामिल होने में समस्या न हो सकें।
दुनिया के 24 देशों में बुर्का और नकाब पर है रोक
बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने वाला इटली देश नहीं है। फ्रांस, चीन समेत दुनिया के करीब 24 देशों में सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले कपड़ों पर अलग-अलग तरह की पाबंदियां लागू हैं। इटली में 1975 से चेहरा ढ़कने को लेकर कानून बना हुआ है। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढ़कना मना है।
मेलोनी क्यो बुर्का नकाब पर लगाना चाहती है रोक
सांस्कृतिक मेल-जोल (इंटीग्रेशन): मेलोनी का मानना है कि स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं का चेहरा पूरी तरह खुला होना चाहिए। परंपरा या धर्म के नाम पर चेहरा छिपाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
संस्कृति और नियमों का सम्मान: उनका कहना है कि जो लोग इटली में आकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उन्हें यहाँ की संस्कृति को समझना और नियमों का सम्मान करना होगा।
पहचान और सुरक्षा: चेहरा ढके होने से पहचान करने में कठिनाई होती है, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।




