Irregular Periods in Girls : एक महीने में 3 बार पीरियड्स आ रहें, डरे नहीं, ये है बच्चियों का ‘हार्मोनल क्लॉक’

Irregular Periods

Irregular Periods in Girls : महिलाओं के स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ पीरियड का आना जरूरी होता है। कई बार बच्चियों को हर महीने पीरियड्स नहीं आते और कई बार महीने में 2-3 बार ब्लीडिंग हो जाती है। यह समस्या आजकल कई लड़कियों में देखने को मिल रही है, खासकर जब पीरियड्स शुरू हुए अभी कम ही समय हुआ हो। आज हम आपको बताएंगे कि ये किस कमी के कारण होता है और कैसे पीरियड को नियमित किया जा सकता है। 

महीने में दो-तीन बार पीरियड्स का आना सही या गलत? 

हाल ही में डॉक्टर प्रज्ञा तोमर के क्लिनिक में एक ऐसी लड़की आई, जिसकी उम्र कुछ ही महीनों पहले पीरियड्स शुरू हुए थे। उसकी पीरियड्स अनियमित थीं और कई बार एक ही महीने में दो-तीन बार ब्लीडिंग हो जाती थी। इस समस्या से उसकी मां बहुत परेशान थीं और डॉक्टर से पूछा कि आखिर उसकी बेटी के साथ ऐसा क्यों हो रहा है।

डॉक्टर ने पूछा, “आपकी बेटी को इतनी ज्यादा ब्लीडिंग कब से हो रही है?” मां ने कहा, “लगभग पांच-छह महीने हो गए हैं। इसकी वजह से वह स्कूल नहीं जा पाती और खेलकूद भी छोड़ दी है।” फिर डॉक्टर ने पूछा, “क्या उसके पीरियड्स हर महीने नियमित नहीं आते और बीच-बीच में भी ब्लीडिंग हो जाती है?” मां ने जवाब दिया, “हाँ, महीने में दो-तीन बार ब्लीडिंग हो जाती है।”

डॉक्टर ने समझाया कि जब लड़कियों में पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं और वयस्क होने पर मेनोपॉज आता है, उस समय शरीर में हार्मोन का स्तर बहुत बदलता है। इस कारण पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। खासकर अगर बच्ची को आयरन की कमी हो, तो कमजोरी भी बहुत हो सकती है और चेहरा पीला पड़ सकता है। 

बच्चियों में पीरियड्स को कैसे नियमित करें?

पीरियड्स की अनियमितता और बार-बार ब्लीडिंग का कारण अक्सर पोषण की कमी और आयरन की कमी हो सकती है। सही खानपान और देखभाल से इस समस्या का समाधान हो सकता है।

डॉक्टर के अनुसार, बच्चियों में एक महीने में कई बार पीरियड्स तभी आते हैं जब बच्ची को आयरन, विटामिन और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स दिए जाएंगे। आयरन की कमी दूर करने के लिए खाने में हरी सब्जियां जैसे पालक, चुकंदर और गुड़ शामिल करना जरूरी है। इसके साथ ही, प्रोटीन जैसे दूध, दही, पनीर और अंडा देना भी जरूरी है ताकि उसकी लंबाई का विकास सही ढंग से हो सके। 

डॉक्टर ने यह भी बताया कि इस समस्या में बच्चियों को हार्मोनल ट्रीटमेंट देना सही विकल्प नहीं है। क्योंकि बच्चियों की उम्र कम होती है और इस स्टेज में हार्मोन बनते हैं, जिससे दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। सबसे जरूरी है कि उसकी डाइट में पोषण अच्छा हो, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में मिले। जब शरीर में पोषण की कमी पूरी हो जाएगी, तो उसकी पीरियड्स अपने आप सही हो जाएंगी। 

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