Iran Anti Government Protests: ईरान (Iran) में पिछले दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन (Iran Anti Government Protests) तेज हो गए हैं, जिसमें अब तक 217 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी आर्थिक संकट, महंगाई और सख्त धार्मिक शासन से नाराज हैं, और इस्लामी गणराज्य के अंत (End of Islamic Republic Iran) की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने प्रदर्शनकारियों को ‘खुदा का दुश्मन’ करार दिया है, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Crown Prince Reza Pahlavi) ने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर उतरने की अपील की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान पर हमले के प्लान की ब्रीफिंग दी गई है, जिससे इस्लामी गणराज्य को खतरा मंडरा रहा है। इजराइल (Israel) और अमेरिका के बीच भी इस मुद्दे पर बात हुई है।
ईरान में क्या हो रहा
ईरान में प्रदर्शन दिसंबर 2025 से शुरू हुए, जो अब तेहरान सहित देशभर में फैल चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद (Al-Rasul Mosque) में आग लगा दी। टाइम मैगजीन (Time Magazine) की रिपोर्ट के अनुसार, 217 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जबकि 2600 से अधिक गिरफ्तार हुए हैं। तेहरान में शनिवार को प्रदर्शनों के दौरान बिजली काट दी गई, लेकिन लोग मोबाइल फ्लैश जलाकर नारे लगाते रहे। सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की। मशहद (Mashhad), ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर (आबादी 40 लाख, प्रमुख धार्मिक केंद्र), पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा हो गया है, जहां सुरक्षा बलों ने शहर छोड़ दिया। इंटरनेट शटडाउन (Internet Shutdown) और हिंसा के बीच प्रदर्शन जारी हैं। ब्रिटेन के लंदन में ईरानी दूतावास (Iranian Embassy) के बाहर प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने इस्लामी गणराज्य का झंडा हटाकर 1979 की क्रांति से पहले का शेर और सूरज वाला झंडा फहराया, जो शाह के शासनकाल का प्रतीक है। लंदन पुलिस (London Police) ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
ईरान के प्रदर्शनकारी क्या चाहते हैं
प्रदर्शनकारी सख्त धार्मिक शासन के खिलाफ हैं। उनकी मुख्य मांगें: आर्थिक संकट (Economic Crisis Iran) से छुटकारा, महंगाई (Inflation Iran), बेरोजगारी और प्रतिबंधों से राहत है। वे 1979 की इस्लामी क्रांति (Islamic Revolution Iran) के बाद की सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, जहां अयातुल्ला खुमैनी (Ayatollah Khomeini) के बाद खामेनेई 37 साल से सुप्रीम लीडर हैं। प्रदर्शनकारी निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग कर रहे हैं, उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हुए, जो आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी ला सकता है। युवा और जेन-जी (Gen Z) में आक्रोश है, क्योंकि ईरानी मुद्रा रियाल (Iranian Rial) दिसंबर में 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक गिर गई, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं में 50% बढ़ोतरी हुई। 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव है। ईरान की अर्थव्यवस्था तेल निर्यात (Oil Exports) पर निर्भर है.
ईरान में प्रदर्शन पर क्या बोलेअयातुल्ला अली खामेनेई?
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने शुक्रवार को पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईरान ‘विदेशियों के लिए काम करने वाले भाड़े के लोगों’ को बर्दाश्त नहीं करेगा, प्रदर्शनों के पीछे विदेशी एजेंट हैं जो हिंसा भड़का रहे हैं। कुछ उपद्रवी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करना चाहते हैं, लेकिन ईरान की एकजुट जनता सभी दुश्मनों को हराएगी। ट्रंप से कहा कि ईरान के मामलों में दखल न करें, अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दें। इस्लामिक रिपब्लिक सैकड़ों हजारों महान लोगों के खून पर सत्ता में आई है, और जो हमें नष्ट करना चाहते हैं उनके सामने कभी पीछे नहीं हटेगी। ईरानी अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद (Mohammad Movahedi Azad) ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल ने हमला किया, तो सख्त जवाब दिया जाएगा।
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का बयान
रजा पहलवी (Reza Pahlavi), जो 50 साल से अमेरिका में निर्वासित हैं (उम्र 65 साल), ने वीडियो संदेश में लोगों से शाम 6 बजे सड़कों पर उतरने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोस्तों और परिवार के साथ मुख्य सड़कों पर रहें, भीड़ से अलग न हों, खतरनाक गलियों से बचें। तीसरी रात के प्रदर्शनों से खामेनेई का दमनकारी तंत्र कमजोर पड़ा है। रिपोर्ट है कि इस्लामी गणराज्य को प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं मिल रहे, कई सुरक्षा कर्मियों ने कार्यस्थल छोड़े और जनता के खिलाफ आदेशों से इनकार किया। पहलवी ने कहा कि वे देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं, राष्ट्रीय क्रांति की जीत के समय जनता के बीच खड़े होने के लिए; वह दिन करीब है।
अमेरिका ईरान पर करेगा एयरस्ट्राइक
डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों (US Military Strikes On Iran) के विकल्पों की ब्रीफिंग दी गई है। अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती है, तो ट्रंप सैन्य कदम पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला बाकी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि “ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
उन्होंने दावा किया कि मशहद पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा हो गया है, सुरक्षा बलों ने छोड़ दिया। इजराइल हाई अलर्ट पर है, अमेरिकी हमले की आशंका से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। इजराइल और ईरान जून में 12 दिन की जंग लड़ चुके हैं, जिसमें अमेरिका ने इजराइल के साथ हवाई हमले किए। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान में अमेरिकी दखल की संभावना पर चर्चा हुई।
यह संकट ईरान के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग और अंतरराष्ट्रीय दबाव से इस्लामी गणराज्य का अंत संभव लग रहा है। अमेरिका और इजराइल की धमकी से ईरान में तनाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि क्या ट्रंप सैन्य कार्रवाई करते हैं या डिप्लोमेसी काम आती है।
