हैदराबाद। देश में तेज रफ्तार इंटरसेप्टर ड्रोन तैयार किया गया है। हैदराबाद के स्टार्टअप अपोलियन डायनेमिक्स ने आहुति Mk-II ड्रोन विकसित किया है। कंपनी के मुताबिक यह करीब 500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है। ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इसकी स्पीड 498 किमी/घंटा दर्ज की है।
स्टार्टअप के फाउंडर जयंत खत्री के मुताबिक आहुति Mk-II ने कंपनी के प्रोटोटाइप मॉडल की 325 किमी/घंटा की पुरानी स्पीड का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस ड्रोन को खास तौर पर दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल जैसे हवाई खतरों को तेजी से इंटरसेप्ट करने के लिए तैयार किया गया है।
शाहेद-136 जैसे ड्रोन से मुकाबले की तैयारी
आहुति Mk-II को लंबी दूरी के अटैक ड्रोन के बजाय इंटरसेप्टर के तौर पर विकसित किया गया है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के ड्रोन या अन्य हवाई खतरों को रास्ते में रोकने के लिए किया जा सकता है।
कंपनी की ओर से इसे ईरान में इस्तेमाल किए जाने वाले शाहेद-136 जैसे ड्रोन के खिलाफ संभावित उपयोग के लिहाज से भी देखा जा रहा है। शाहेद-136 एक लो-कॉस्ट अटैक ड्रोन के तौर पर जाना जाता है।
10 बार बदला डिजाइन, फिर हासिल हुई 498 किमी की स्पीड
आहुति Mk-II की स्पीड बढ़ाने के लिए इसके डिजाइन में कई बदलाव किए गए। कंपनी के मुताबिक इंजन, मोटर और ड्रोन की बॉडी में बदलाव करने के लिए 10 अलग-अलग मॉडल तैयार किए गए।
ड्रोन की इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। कंपनी के अनुसार यह एक बार में करीब 400 एम्पीयर करंट खींचता है, जिससे ड्रोन को ज्यादा पावर और स्पीड मिलती है।
इससे पहले कंपनी सेना को करीब 300 किमी/घंटा की स्पीड वाले ड्रोन दे चुकी है। करीब 8 महीने के काम के बाद इसी तकनीक को और ज्यादा तेज बनाने पर काम किया गया। हालांकि, आहुति Mk-II की कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
आर्मी रेंज में हुआ टेस्ट
कंपनी के मुताबिक आहुति Mk-II का परीक्षण भारतीय सेना की मदद से बबीना और गोपालपुर फायरिंग रेंज में किया गया है। कंपनी का फोकस कम लागत में ज्यादा क्षमता वाले ड्रोन और हथियार सिस्टम तैयार करने पर है।
कंपनी का कहना है कि कम लागत वाली ऐसी तकनीक से सेना को आधुनिक क्षमता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। खासकर ड्रोन से जुड़े बढ़ते खतरे को देखते हुए इंटरसेप्टर ड्रोन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।




