Yoga Protocol: देश की बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों के बीच सरकार ने नए योग प्रोटोकॉल पेश किया है जिसका उद्देश्य खास तौर पर ब्लड प्रेशर (BP) और अन्य समस्याओं को नियंत्रित करना है। इन सभी प्रोटोकॉल के जरिए लोगों को नियमित योग अपने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि बीमारी के इलाज से पहले ही उन्हें रोका जा सके।

आखिर Yoga Protocol पर क्या है सरकार की प्लानिंग
आयुष मंत्रालय द्वारा लांच किए गए प्रोटोकॉल गैर संचारी रोगों को कम करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है इन्हें वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर तैयार किया गया है जिससे बताया गया है कि योग को एक प्रभावी और भरोसेमंद ऑप्शन के रूप में हम देख सकते हैं। अगर योग किया जाए तो कई सारी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां दूर हो सकती हैं।
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योग करने से लाइफस्टाइल बीमारियों का बढ़ता दबाव
भारत में डायबिटीज, BP और अस्थमा जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही है डॉक्टर का ऐसा मानना है कि ऐसा खराब जीवन शैली तनाव और फिजिकल इक्विटी काम करने के कारण होता है। ऐसे में योग को एक सरल और किफायती समाधान के रूप में देखा जा सकता है जो लंबे समय में हेल्थ पर पॉजिटिव असर डाल सकता है।
योग प्रोटोकॉल में क्या शामिल है?
आयुष मंत्रालय द्वारा योग प्रोटोकॉल में 30 से 60 मिनट की दैनिक योग के बारे में चर्चा की गई है। इसमें आसान तरीके के प्राणायाम ध्यान और रिलैक्सेशन के तकनीक बताए गए हैं जो कि हर बीमारी के अनुसार अलग-अलग तरीके की एक्सरसाइज है। जिसको करने से शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
हर उम्र के लिए उपयोगी है सरकार की ये पहल
सरकार ने में योग प्रोटोकॉल को सभी आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए बनाया है इस बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई कर सकता है ताकि हर व्यक्ति इसे आसानी से अपने दिनचर्या में शामिल करके अपने स्वास्थ्य को बेहतर कर सके।
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Yoga Protocol लागू करने की क्या है चुनौतियां
आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू की जाने वाली यह पहला प्रभावित हो सकती है लेकिन इसकी सफलता इस बात पर डिपेंड करती है कि इसे कितने लोग रोजाना रूप से अपना कर व्यायाम करते हैं। जागरूकता की कमी और सही मार्गदर्शन के अभाव में काफी सारे लोग इस हेल्थ केयर सिस्टम को अपने से पीछे हो जाते हैं। सरकार के द्वारा लाया जाने वाला यह कदम हेल्थ केयर सिस्टम में की पॉजिटिव बदलाव लाएगा।BP जैसे समस्याओं से इससे राहत पाने में मदद भी मिलेगी।
