विदेशी बाजारों में निवेश करने को इच्छुक भारतीय निवेशक के लिए अब एक अच्छी खबर है। HSBC Mutual Fund नितिन इंटरनेशनल प्लानिंग में नए निवेश और शिप की सुविधा फिर से शुरू कर दीहै। हालांकि निवेश की एक निर्धारित मासिक सीमा भी रखी गई है।

3 HSBC इंटरनेशनल फंड में फिर शुरू हुआ है निवेश
18 अगस्त 2026 से एचएसबीसी की तीन योजनाओं में फ्रेश और एडिशनल लंप सम निवेश के साथ शिप और एसपी जैसी सुविधा फिर से उपलब्ध हो गई है। इनमें एचएसबीसी ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट फंड एचएसबीसी एशिया पेसिफिक डिविडेंड यील्ड फंड और एचएसबीसी ब्राज़ील फंड शामिल है। प्रतीक पान के लिए इन योजनाओं में कुल निवेश की सीमाएं ₹200000 प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इन सभी योजनाओं में निवेश पर पहले दिसंबर 2025 में ही अस्थाई रूप से रोक लगाया गया था अब उपलब्ध ओवरसीज इन्वेस्टमेंट हेड रूम के आधार पर सब्सक्रिप्शन दोबारा से शुरू किया गया है।
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हालिया रिटर्न में कितना अंतर है?
19 अगस्त 2026 तक वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार तीनों डायरेक्ट प्लान एक साल के रिटर्न में अलग-अलग रहे हैं। ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट फंड ने 53.6 प्रतिशत एशिया पेसिफिक डिविडेंड यील्ड फंड ने 40 पॉइंट तीन प्रतिशत और ब्राजील पढ़ने 28.9% का रिटर्न दिया है। हालांकि केवल पिछले रिटर्न को देखकर किसी भी फंड में निवेश करना सही प्लानिंग नहीं है विदेशी बाजारों में निवेश के साथ मुद्रा में उतर-चढ़ाव और संबंधित देश के रिस्क भी शामिल होते हैं।
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क्या नए निवेश खरीदने का मौका है?
इन HSBC प्लैनिंग का दोबारा से खुलने से निवेश करने वाले लोगों को भारत के बाहर इक्विटी एक्स्पोज़र बनाने का ऑप्शन तो जरूर देता है, लेकिन केवल शिप उपलब्ध होने को निवेश का संकेत नहीं समझना चाहिए। फंड का निवेश क्षेत्र रिस्क मौजूद पोर्टफोलियो और निवेश की अवधि देखकर ही कोई भी फैसला लेना चाहिए। खासकर ब्राजील जैसे सिंगल कंट्री फंड में निवेश करने वाले व्यक्ति को ज्योग्राफिकल कंसंट्रेशन का ध्यान रख लेना चाहिए वही डायवर्सिफाइड इमर्जिंग मार्केट या एशिया पेसिफिक एक्स्पोज़र की प्रकृति अलग होती है। इसलिए निवेश करने से पहले सिर्फ कितना रिटर्न मिला नहीं बल्कि फंड किस प्रकार बाजार में निवेश करती है और आपके मौजूद पोर्टफोलियो उसकी जरूरत कितनी है यह देखना जरूरी हो जाता है।




