हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्ष बीजेपी के बीच जमकर हंगामा हुआ। सदन शुरू होने से पहले ही दोनों दलों के विधायक आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
राष्ट्रगान के मुद्दे पर भिड़े पक्ष-विपक्ष
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद बीजेपी ने राष्ट्रगान के अपमान के आरोप का मुद्दा उठाया। बीजेपी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं। पार्टी ने पहले दिन की कार्यवाही की वीडियो फुटेज दिखाने की मांग की, ताकि साफ हो सके कि राष्ट्रगान का अपमान कहां हुआ।
इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक नोकझोंक और नारेबाजी हुई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने मामले को खत्म कर दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने करीब आधे घंटे तक हंगामा किया और फिर सदन से वॉकआउट कर दिया।
अटैची लेकर विधानसभा पहुंचे BJP विधायक
सदन के बाहर बीजेपी विधायकों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। विधायक हाथों में अटैची लेकर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और बिना पैसे के काम नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चाहती है, लेकिन सरकार बहस से बच रही है।
मुकेश अग्निहोत्री का पलटवार
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष महंगाई, पेपर लीक और दूसरे अहम मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का सम्मान करती है। उनके मुताबिक, बीजेपी को राजनीतिक मुद्दों के बजाय जनता की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए।




