मैहर में दर्दनाक हादसा: आम बीन रहे दो बच्चों पर गिरा भारी पेड़, रीवा के अस्पताल में एक मासूम ने तोड़ा दम, दूसरा गंभीर

Heavy tree falls on two children gathering mangoes in Maihar.

मैहर/रीवा। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मैहर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार की शाम रामनगर थाना क्षेत्र के जिगना गांव में आम बीनने गए दो भाई आंधी-तूफान की वजह से कमजोर हो चुके एक भारी-भरकम आम के पेड़ की चपेट में आ गए। इस भीषण हादसे में 12 वर्षीय एक मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय दूसरा बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

आंधी से कमजोर हुआ पेड़ बना काल, मलबे में दबे मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिगना गांव के रहने वाले बबलू गौड़ (12 वर्ष) और लाला गौड़ (10 वर्ष) बुधवार शाम को गांव के ही पास एक बगीचे में आम बीनने के लिए गए थे। बीते दिनों इलाके में आए तेज आंधी और तूफान के कारण एक विशालकाय आम का पेड़ अंदरूनी रूप से बेहद कमजोर हो चुका था। जब बच्चे पेड़ के नीचे मौजूद थे, तभी वह अचानक भरभराकर सीधे उनके ऊपर गिर गया। भारी पेड़ के तने और डालियों के नीचे दोनों बच्चे बुरी तरह दब गए।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, मलबे से निकाला बाहर
पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और बच्चों के परिजन तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद पेड़ की टहनियों को हटाकर दोनों लहूलुहान बच्चों को बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बच्चों की हालत इतनी गंभीर थी कि प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) के लिए रेफर कर दिया।

चश्मदीदों के मुताबिक हाल ही में आए चक्रवाती तूफान की वजह से क्षेत्र के कई पेड़ क्षतिग्रस्त हो चुके थे। यह पेड़ भी अपनी जड़ें छोड़ चुका था और बच्चों के वहां पहुंचते ही अचानक धराशायी हो गया।

रीवा में इलाज के दौरान बबलू की मौत, लाला की हालत नाजुक
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की टीम ने दोनों बच्चों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। लेकिन सिर और छाती में गंभीर चोटें आने के कारण 12 वर्षीय बबलू गौड़ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, 10 वर्षीय लाला गौड़ की स्थिति अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका सघन उपचार जारी है।

गांव में पसरा मातम, पुलिस जांच में जुटी
संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर रीवा और मैहर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने गुरुवार को मृतक मासूम बबलू के शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। इस हादसे के बाद से पूरे जिगना गांव में मातम छाया हुआ है और किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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