रीवा में फूटा जनता का गुस्सा, बदहाल सड़क और गंदे पानी को लेकर रविदास चौराहे पर जोरदार चक्काजाम

Heavy blockade at Ravidas Square due to bad road and dirty water

रीवा। शहर के बोदाबाग क्षेत्र में बुनियादी समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त स्थानीय नागरिकों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। नीम चौराहा से लेकर बाईपास तक की सड़क भारी वाहनों के अंधाधुंध आवागमन के कारण पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। इस बदहाली से नाराज सैकड़ों रहवासियों ने आज सुबह ठीक 9 बजे रविदास चौराहे पर एकत्रित होकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर उतरे आक्रोशित नागरिकों के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

करोड़ों की सीवर लाइन ध्वस्त, घरों में आ रहा गंदा पानी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ चुका है, जिसके चलते करोड़ों रुपए की लागत से डाली गई सीवर लाइन और उसके चैंबर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इतना ही नहीं, भारी वाहनों के वजन से मुख्य पेयजल पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूट गई है, जिसके कारण पिछले कई दिनों से लोगों के घरों में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। महामारी फैलने की आशंका के बीच जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

मिट्टी के गड्ढों से उड़ रही धूल, अस्थमा मरीज और राहगीर बेहाल
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों को भरने के नाम पर ठेकेदार द्वारा सिर्फ मिट्टी डाल दी गई है। अब भारी वाहनों के गुजरने से इस मिट्टी की धूल हवा में इस कदर उड़ रही है कि स्थानीय निवासियों और खासकर अस्थमा के मरीजों का जीना मुहाल हो गया है। आए दिन उड़ती धूल के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं और विजिबिलिटी कम होने से सड़कों पर रोज हादसे हो रहे हैं, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का डर लगातार बना हुआ है।

रहवासियों ने प्रशासन के सामने रखीं ये मुख्य मांगें
क्षेत्र की जनता ने मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अमले के सामने अपनी सुरक्षा और हक को लेकर निम्नलिखित मांगें पुरजोर तरीके से रखीं:

  • सड़क का तुरंत डामरीकरण (पिचिंग) कराया जाए और टूटी पाइपलाइन को तत्काल सुधारा जाए।
  • स्कूल जाने वाले बच्चों और आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
  • जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक धूल को दबाने के लिए दिन में कई बार पानी का छिड़काव किया जाए।
  • बिना सोचे-समझे और बिना किसी ठोस कार्ययोजना के इस रिहायशी मार्ग से भारी वाहनों को गुजारने की अनुमति देने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
चक्काजाम और उग्र विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए तत्काल नगर निगम और एमपीआरडीसी (MPRDC) के प्रतिनिधियों को मौके पर तलब किया। अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने जनता की मांगों को जायज मानते हुए भारी वाहनों को रोकने, वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने और पेयजल व बिजली जैसी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने का लिखित आश्वासन दिया।

प्रशासन के इस लिखित भरोसे के बाद आक्रोशित नागरिकों ने फिलहाल जाम समाप्त कर दिया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे बाईपास निर्माण कंपनी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सीधे कोर्ट में केस दायर करेंगे।

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