Varanasi Heatwave Alert: उत्तर भारत में तेज होती गर्मी के बीच हीट वेव का असर अब गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में देखा जा रहा है वाराणसी के अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन गर्मियों के प्रभाव से बढ़ने लगीहै। जहां डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि गर्मियों में लापरवाही करने पर इसका सीधा असर दिमाग और हृदय पर देखने को मिल रहा है।

अस्पतालों में तेजी से बढ़ रहे केस
वाराणसी के सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है डॉक्टर के अनुसार ज्यादातर लोग तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण heatwave से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस का शिकार हो रहे हैं। कई मामलों में तो पेशेंट को चक्कर कमजोरी और बेहोशी जैसी शिकायतों के लिए ही अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
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इसका दिमाग और दिल पर सीधा असर
डॉक्टर के अनुसार Heatwave सिर्फ सामान्य थकान तक ही सीमित नहीं है शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने पर ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाता है जिससे दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है। इसके अलावा हमारे हृदय पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता दिखता है जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी बीमारी की स्थिति पैदा हो जाती है।
इससे किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
डॉक्टर के अनुसार बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोगों को इससे सबसे ज्यादा खतरा हो रहा है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर डायबिटीज या हृदय संबंधित दिक्कत है उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी की जरूरत है हालांकि हाल ही में युवाओं में भी हीट वेव्स के प्रभाव देखे गए हैं।
गर्मियों में लापरवाही बन सकती है बड़ी वजह
डॉक्टर के अनुसार बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ी कारण लापरवाही को बताया जा रहा है लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं जिस कारण उनका शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है चाहे धूप में लंबे समय तकबाहर आप जाए या ना जाए लेकिन अपनी अत्यधिक मात्रा में पीना चाहिए। यही कारण है कि मामूली लक्षण भी गंभीर स्थिति में बदलते जा रहे हैं।
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डॉक्टरों की सलाह,बचाव ही सबसे जरूरी
डॉक्टर ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ के साथ-साथ हल्के कपड़े पहनना चाहिए। वाराणसी जैसे बड़े शहर में बढ़ते मरीजों के आंकड़े से हमें पता चल रहा है की हीटवेव अप स्टेबल मौसमी परेशानी नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य खतराहै।
