HDFC Bank Governance को लेकर शेयर मार्केट में हो रही चिताओं के बीच अंतरिम अध्यक्ष केकी मिस्त्री ने स्पष्ट बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को बैंक की गवर्नेंस व्यवस्था में कोई पदार्थ कंसर्न नहीं दिखता है। ये बयान हाल ही में अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे देने के बाद दिया गया था जिससे इस्तीफा देने के बाद शेयर में गिरावट होने लगी और निवेशकों की जनता बढ़ी थी।

एचडीएफसी बैंक के गवर्नेंस पर आरबीआई का क्या है रुख
HDFC Bank के अंतरिम नेतृत्व पर कहा गया है कि आरबीआई ने बैंक के संचालन और गवर्नेंस ढांचे की समीक्षा करने के बाद किसी गंभीर रिस्क की पहचान नहीं की है। कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया कि बैंक पूरी तरह से नियम के अनुसार मानक का पालन कर रहा है और उसकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। जानकारी के अनुसार आरबीआई की यह टिप्पणी बाजार में फैली अनिश्चितताओं को कम करने में मदद करने लगी है।
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इस्तीफा देने के बाद शेयर पर असर
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार एचडीएफसी बैंक शेयर में हाल ही के सत्र में 5% से अधिक गिरावट देखी गई थी निवेश करने वाले लोगों ने अध्यक्ष के अचानक स्थिति को लेकर सतर्कता का रुख ने अपना लिया था। जिस शेयर में अस्थिरता का माहौल देखने को मिला है हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की तरफ से किसी भी बड़े गवर्नेंस समस्या से इंकार कर लिया गया है। इसके बाद शेयर में स्थिरता देखने को मिल रही है।
क्या थे hdfc bank में इस्तीफे के कारण?
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफा में वैल्यू और एथिक्स का हवाला दिया है लेकिन कोई बड़ी जानकारी पब्लिकली नहीं बताई है कि उन्होंने क्यों इस्तीफा दिया। इस वजह से बाजार में अटकलें तेज होतीगई। कंपनी प्रबंधन में स्पष्ट बताया कि यह फैसला उनके व्यक्तिगत कर्म से जुदा हो सकता है और इसका बैंक के दैनिक संचालन या निवेश की प्लानिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों और बाजार के लिए क्या है संकेत
जानकारी के मुताबिक एचडीएफसी बैंक गवर्नेंस पर स्पष्ट आने से निवेश करने वाले लोगों का भरोसा धीरे-धीरे लौटता देखा जा सकता है बैंक की मजबूत बैलेंस शीट स्थिर एसिड क्वालिटी और हाल ही में हुए विलय के बाद बाद आकर इसके पक्ष में जानकारी दिखेगा। हालांकि विशेषज्ञ के अनुसार जब तक स्थिति के कारण के बारे में पूरी पारदर्शिता नहीं पता चलती है तब तक बाजार सतर्क रहेगा।
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क्या है आगे का आउटलुक
मार्केट विशेषज्ञ के अनुसार एचडीएफसी बैंक से जुड़ी ये स्थिति फिलहाल परसेप्शन रिस्क ज्यादा है। ना की वास्तविक वित्तीय संकट देखा जा रहा है आरबीआई की निगरानी और बैंक के परिचालन स्थिरता से दीर्घकाल दृष्टिकोण पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। यह निवेश सलाह नहीं है निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से suggestion जरूर ले।
