ईधन पर सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंपों में मिलेगा कैरोसिन, कोयला ईधन पर भी फोकस

नई दिल्ली। देश भर में एलपीजी और ईधन की समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन का वितरण करने के लिए निर्देश दिए जा रहे है, दरअसल एलपीजी की मांग कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी अब बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रत्येक जिले के दो पेट्रोल पंपों में मिलेगा कैरोसिन

सरकार जो मापदंड तय कर रही है उसके तहत अब सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रख और बांट सकेंगी। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।

60 दिन का विकल्प

जो जानकारी आ रही है उसके तहत सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। खाड़ी देशों में चल रहे युद्धों एवं भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी के चलते जंहा केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है वही ईधन की व्यवस्था के लिए इस तरह का निणर्य ले रही है।

सरकार ने कहां अफवाह में न पड़े लोग

दरअसल देश भर में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरें लगातार सामने आ रही है, जबकि सरकार का कहना है कि लोग अफवाह में न पड़े, क्योकि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देश भर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। लोग से सरकार ने अपील किया है कि घबराकर खरीदारी न करें।

सरकार के फैसले के मुख्य बिंदु:

  • पेट्रोल पंपों पर केरोसिन: अब चुनिंदा इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध होगा।
  • नियमों में छूट: केरोसिन के भंडारण और बिक्री के लिए Petroleum Rules, 2002 में ढील दी गई है, ताकि 60 दिनों तक आपूर्ति बनी रहे।
  • अतिरिक्त केरोसिन: राज्यों को नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है।
  • कोयला ईधन पर फोकस: एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए, सरकार ने कोयला मंत्रालय को विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के लिए कोयले की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया है।
  • कड़ी निगरानी: तेल कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि रियायती केरोसिन का उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए हो, न कि मिलावट के लिए। 

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