मध्यप्रदेश में गैस-तेल के अपूर्ति पर सरकार की नजर, तीन मंत्रियों को दी गई बड़ी जिम्मेदारी

भोपाल। दुनिया भर में जिस तरह से हालात बन रहे है उससे भारत देश में होने वाली दिक्कतों को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है और देश भर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू हो गया है। तेल-गैस संकट के बीच केंद्र सरकार ने जमाखोरी काला बाजारी रोकने के लिए यह फैसला लिया है। तो वही मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों को निर्देश दिए है कि वे रसोई गैस एवं ईधन की अपूर्ति के लिए अपने प्रभार वाले जिलों में सततः निगरानी बनाए रखे।

इन मंत्रियों को जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की स्थिति पर नजर रखने और केंद्र सरकार व आयल कंपनियों से समन्वय के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई है। जिसमें उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को समिति में रखा। हांलाकि खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी का कहना है कि पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में निरंतरता बनी हुई है।

अधिकारियों को निर्देश

प्रदेश सरकार ने कलेक्टर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि वह कमर्शियल गैस के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उपभोक्ताओं से संवाद करें। अधिकारियों को कहा गया है कि व्यवसायिक क्षेत्र में गैस का दुरूपयोग रोकने के लिए लोगो को जागरूक करें।

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