Excess Screen Time: आज के समय में बहुत सारे बच्चे खाना खाते वक्त या फिर पढ़ाई करते समय मोबाइल और टैबलेट का इस्तेमाल करतेहैं। हाल ही में हुई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करने से बच्चों के शारीरिक मानसिक और सामाजिक वृद्धि प्रभावित हो जाती है। बच्चों को अध्ययन करने में, भाषा विकास,नींद, व्यवहार और शारीरिक गतिविधियों पर भी इसके असर देखने को मिल सकते हैं। तो चलिए हम जानते हैं कि रिसर्च के अनुसार माता-पिता को अब किन बातों का ध्यान देना चाहिए।

Excess Screen Time और बच्चों के विकास पर क्या असर
रिसर्च के अनुसार शुरुआती उम्र बच्चों के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होतीहै। इस दौरान अगर बच्चा वास्तविक दुनिया की गतिविधियां बातचीत और खेलकूद की जगह स्क्रीन पर अपना समय ज्यादा बीतता है तो उसकी विकास पर इसका असर देखने को मिल सकता है। अन्य जानकारी के अनुसार कई अध्ययनों में अधिक स्क्रीन का उपयोग करना और विकास संबंधित चुनौतियां के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि इसका प्रभाव बच्चों की उम्र, स्क्रीन के कंटेंट और उपयोग की अवधि पर भी निर्भर कर सकता है।
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भाषा और संवाद कौशल पर इसका पड़ सकता है प्रभाव
डॉक्टर के अनुसार बच्चे बातचीत और सामाजिक संपर्क के माध्यम से ही भाषा सीखते हैं जब उनके मोबाइल का या फिर टैबलेट का स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है तो परिवार के सदस्यों के साथ उनका बातचीत करने का संवाद कम हो जाता है। ऑफिशियल बयान में डॉक्टर ने बताया कि छोटे बच्चों को वास्तविक बातचीत कहानी सुना और खेल आधारित सीखने के अवसर ज्यादा से ज्यादा मिलनी चाहिए। इससे भाषा और संचार कौशल बेहतर तरीके से विकसित हो पाती है।
Excess Screen Time और नींद की समस्या भी
डॉक्टर के रिसर्च में पाया गया है कि सोने से पहले मोबाइल के टैबलेट का उपयोग करने से बच्चों की नींद प्रभावित होती है स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी शरीर के प्राकृतिक स्लीप साइकिल पर असर डालती है। बच्चों को पर्याप्त नींद नहीं मिलने से उनकी एकाग्रता सीखने की क्षमता और दैनिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए डॉक्टर सोने से पहले बच्चों को फोन का उपयोग सीमित करने की सलाह देते हैं।
बच्चों में शारीरिक गतिविधियां कम होने का खतरा
जब बच्चे लंबे समय तक स्क्रीन देखते हैं तो खेलकूद और आउटडोर गतिविधियां कम हो जाती हैं इससे शारीरिक सक्रियता कम जातीहै। शारीरिक गतिविधियों होने से बच्चों के हड्डी मांसपेशी और संपूर्ण विकास में मदद मिलती है इसलिए स्क्रीन टाइम और सक्रिय जीवन शैली के बीच संतुलन होना बहुत जरूरीहै।
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इसमें माता-पिता क्या कर सकते हैं?
परिवार में भोजन के दौरान स्क्रीन मुक्त वातावरण बनाए रखना माता-पिता का कामहै। बच्चों को खेल पढ़ाई और क्रिएटिव गतिविधियों में शामिल करना भी बच्चों के लिए लाभदायक हो सकता है। केवल इतना ही नहीं माता-पिता बच्चन के स्क्रीन उपयोग की निगरानी करें और उम्र के अनुसार उचित समय सीमा तक उन्हें उपयोग करने देइससे Excess Screen Time के रिस्क को कम करने में मदद मिलेगी।




