Digvijay Singh’s Statement: दिग्विजय सिंह ने कहा, “भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं, हिंदुत्व के साथ खड़ी है। हिंदुत्व कोई धर्म नहीं है, यह केवल एक पहचान है। भाजपा लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रही है।” दिग्विजय सिंह ने वी.डी. सावरकर और मुहम्मद अली जिन्ना पर देश के बंटवारे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “सावरकर जी और जिन्ना जी ने देश का बंटवारा करा दिया।
Digvijay Singh News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदू धर्म की रक्षा नहीं कर रही, बल्कि ‘हिंदुत्व’ की राजनीति कर रही है, जो एक धर्म नहीं बल्कि केवल पहचान है। सिंह ने फेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो में कहा कि भाजपा और आरएसएस लोग डर फैलाकर राजनीति कर रहे हैं।
हिंदुत्व धर्म नहीं, केवल पहचान
दिग्विजय सिंह ने कहा, “भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं, हिंदुत्व के साथ खड़ी है। हिंदुत्व कोई धर्म नहीं है, यह केवल एक पहचान है। भाजपा लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि जगह-जगह हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं, जहां से चंदा लिया जा रहा है और फिर उसी से भंडारा खिलाया जा रहा है। उन्होंने पूछा, “ये कौन सा धर्म है?” भाजपा-आरएसएस और ओवैसी दोनों डर फैलाते हैं. दोनों मिलकर खेल खेलते हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा-आरएसएस पर आरोप लगाया कि इनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ये हिंदुओं को डराते हैं कि ‘हिंदू एक हो जाओ, हिंदू धर्म खतरे में है’, जबकि ओवैसी मुसलमानों को कहते हैं कि ‘मुसलमान एक हो जाओ, हिंदुओं से खतरा है’। सिंह का दावा है कि दोनों मिलकर राजनीतिक खेल खेलते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “न हिंदुओं को कोई खतरा है, न मुसलमानों को। आपस की लड़ाई से ही देश को खतरा है।”
सावरकर और जिन्ना ने देश बांटा, अब मोहल्लों का बंटवारा हो रहा
दिग्विजय सिंह ने वी.डी. सावरकर और मुहम्मद अली जिन्ना पर देश के बंटवारे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “सावरकर जी और जिन्ना जी ने देश का बंटवारा करा दिया। अब देश का बंटवारा नहीं, मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। शहरों में बंटवारा हो रहा है। कई जगह मुसलमानों ने अपना मोहल्ला बना लिया, हिंदुओं ने अपना। ये बंटवारा क्यों हो रहा है?” उन्होंने जोर दिया कि हम सब एक हैं, सबका मालिक एक है और हम भारतीय हैं।
‘हिंदू’ शब्द वैदिक नहीं, फारसी मूल का
सिंह ने ‘हिंदू’ शब्द की व्युत्पत्ति बताते हुए कहा कि यह वैदिक शब्द नहीं है, बल्कि फारसी भाषा से आया है। फारसी में ‘स’ को ‘ह’ कहा जाता है, इसलिए सिंधु नदी के इस पार रहने वाले लोग ‘हिंदू’ कहलाए। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का हवाला देते हुए कहा कि ‘हिंदू-मुसलमान, हिंदू-ईसाई, हिंदू-सिख’ जैसी बातें सही हैं क्योंकि हिंदू कोई धर्म नहीं, भौगोलिक शब्द है। हमारा असली धर्म सनातन है।
सनातन का अर्थ, जिसका अंत नहीं
दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म की व्याख्या की। उन्होंने कहा, “सनातन का मतलब है जिसका कोई अंत नहीं। सनातन धर्म में हजारों वर्षों से विवाद और चर्चा हुई, इसका निचोड़ अद्वैत वेदांत है। आदि शंकराचार्य ने दो हजार साल पहले चार मठ स्थापित किए। नर ही नारायण है, हृदय में नारायण है।”
मणिकर्णिका घाट पर आस्था का प्रतीक तोड़ा
उन्होंने काशी के मणिकर्णिका घाट का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारी आस्था का प्रतीक है कि यहां दाह संस्कार से मोक्ष मिलता है और अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने से मोक्ष। लेकिन इसे तोड़ दिया गया। साथ ही, सनातन धर्म के लिए काम करने वाली मां अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और महल भी तोड़ दिया गया, जिन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। सिंह ने कहा, “ये सनातन धर्म के साथी नहीं, हिंदुत्व के साथी हैं।”
