Dhar Bhojshala Dispute: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद धार स्थित भोजशाला के पास जुमे की नमाज के लिए खसरा नंबर 611 और 612 को वैकल्पिक स्थल के रूप में चिन्हित किए जाने पर विवाद गहरा गया है। संबंधित भूमि पर स्थानीय रहवासियों ने अपनी निजी और पुश्तैनी संपत्ति होने का दावा करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, लगातार हो रही बारिश और संवेदनशील माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
Dhar Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर (Bhojshala Dispute) से जुड़े संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अदालत के आदेश के अनुसार शुक्रवार की जुमे की नमाज (Friday Prayers) के लिए भोजशाला की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612, मालीवाड़ा क्षेत्र की जमीन को वैकल्पिक स्थल के रूप में तय किया गया है। हालांकि, इस निर्णय के सामने आते ही स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर ग्रामीणों का विरोध
प्रस्तावित स्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने दावा किया कि संबंधित भूमि उनकी निजी और पुश्तैनी संपत्ति (Private Land) है, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना जमीन का उपयोग तय किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी जमीन पर किसी प्रकार की कार्रवाई करता है तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, देर रात तक चली अधिकारियों की बैठक
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन और कानून-व्यवस्था (Law & Order) बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। देर रात वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा इंतजामों और संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। शुक्रवार सुबह से ही वैकल्पिक स्थल पर पुलिस बल और Quick Response Team (QRT) की तैनाती कर दी गई, जबकि पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है।
मुस्लिम समाज ने प्रशासन से की अतिरिक्त सुविधाओं की मांग
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों का कहना है कि चयनित स्थल से कमाल मौलाना मस्जिद (Kamal Maulana Mosque) का सीधा दृश्य दिखाई देता है, इसलिए इसे उपयुक्त माना गया है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए समाज की ओर से प्रशासन से नमाजियों के लिए सुरक्षित आवागमन, वजू (Wudu) के लिए पानी की व्यवस्था और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट (Traffic Management) की मांग की गई है।
बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती
धार जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण वैकल्पिक स्थल पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में खुले मैदान में बड़ी संख्या में नमाजियों के लिए व्यवस्था करना प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौती बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और स्थानीय हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि अदालत के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जा सकें।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।




