दिल्ली हादसाः हास्टल के मलवे से निकले अब तक 7 शव, रेस्क्यू जारी, सीएम कर रही हाई-लेवल मीटिंग

दिल्ली। दिल्ली में धड़ाम से गिरे हास्टल भवन के मलवे से अभी भी लाशे निकल रही है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आ रही है, जबकि 12 लोगो को सुरक्षित निकाल लिया गया है, वही घायलों को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भवन का मलवा हटाने के लिए रेस्क्यू जारी है। अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, ज्ञात हो कि दिल्ली के सत्य निकेतन की सकरी गलियों में मौजूद भवन रविवार की दोपहर अचानक से गिर गया और 4 मंजिला यह भवन मलवे में तब्दील हो गया था।

गनीमत रही बच गए हम

जानकारी के तहत दिल्ली के हादसे वाले भवन में ज्यादातर दिल्ली विवि के छात्र रहते है। बताया जा रहा है कि कृष्ण जन्माष्टमी के चलते बहुत सारे छात्र चले गए थें। उनका कहना है कि गनीमत रही कि वे बिल्डिंग में नही थे, वरना वे भी इस हादसे का शिकार हो जाते है।

भवन मालिक के लिए लुक आउट जारी

हादसा वाला यह भवन का मालिक हरिराम बंसल है और वह हादसे के बाद से फरार बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। उसे पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई हैं। साउथ कैंपस थाने में हरिराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत की देखरेख में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने के आरोप में केस दर्ज किया था।

सीएम ले रही हाई लेवल मीटिंग

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटी घटना में चिंता जाहिर करते हुए मीडियों को बताया है कि 80 प्रतिशत मलबा हट चुका है, शेष मलवा हटाने के लिए रेस्क्यू किया जा रहा है। उन्होने बताया कि पीएम मोदी लगातार इस घटना को लेकर चर्चा कर रहे और उनका दिशा निर्देश हमें मिल रहा है। बगल वाली इमारत को भी गिराया जाएगा। अब सभी इमारतों का ऑडिट होगा। जिन अधिकारियों की अनदेखी हुई है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में पीजी गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, तो वही प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एक ऑर्डर में सत्य निकेतन में बनी सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों को गिराने का नोटिस लगा दिया गया है। इमारत के पास बनी एक दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है। उसमें दरारें दिखाई दी हैं। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान इस बिल्डिंग के भी गिरने का खतरा है। इसे सुरक्षित रखने के लिए सपोर्ट देने वाले पिलर लगाए जा रहे हैं।

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