दिल्ली। 1 नवंबर से दिल्ली में सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम के आदेश दिए गए हैं। सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत से कम की जाएगी। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे और 50 प्रतिशत ऑफिस से काम करेंगे।
प्रदूषण से निपटने लिए जा रहे निणर्य
जो जानकारी आ रही है उसके तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम समेत कई महत्वपूर्ण निणर्य लिए है। सर्दियों के दौरान होने वाले प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ऐसे कदम उठा रही है।
कार्यालयों का बदलेगा समय
दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक कार्यालयों के समय में बदलाव का भी फैसला लिया है। जिसके तहत एमसीडी के तहत आने वाले कार्यालय सुबह 8.30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे, जबकि जीएनसीटीडी के तहत आने वाले दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे। सरकार ने पार्किग शुल्क भी बढ़ा और तय डेट के बाद दिल्ली वासियों को दोगुना पार्किग शुल्क देने पड़ेगे।
तोड़-फोड़ पर रोक, बढ़ेगा पार्किग शुल्क
सर्दी के मौसम में प्रदूषण से बचाव करने के लिए सरकार ने दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक निर्माण कार्य में पाबंदिया लगाई है। जिसके तहत तोड़-फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर सरकार ने रोक लगा दी है। वहीं, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मुख्य निर्णय और पाबंदियां
- वर्क फ्रॉम होम (WFH): सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी 1 नवंबर से 28 फरवरी तक घर से काम (WFH) करेंगे।
- दफ्तरों के समय में बदलाव: एमसीडी (MCD) के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और जीएनसीटीडी (GNCTD) के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
- पार्किंग शुल्क दोगुना: निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग फीस दोगुनी कर दी जाएगी।
- निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध: धूल पैदा करने वाले विध्वंस (Demolition) और बाहरी निर्माण कार्य 1 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रतिबंधित रहेंगे, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।




