Cyrus Poonawalla painting purchased record: मुंबई में 2 अप्रैल 2026 को सैफरन आर्ट स्प्रिंग लाइफ ऑप्शन में सिरम इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर साइरस स पूनावाला ने राजा रवि वर्मा की फेमस पेंटिंग यशोदा और कृष्णा को 167 पॉइंट 20 करोड रुपए में खरीद ली। यह नीलामी आधुनिक भारतीय कला में अब तक की सबसे महंगी पेंटिंग की बिक्री बनी, मुख्य कारण इस पेंटिंग की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत बताई जा रही है जिस कारण इतने महंगे दाम में ये बिकी है।

क्या है Raja Ravi Varma की पेंटिंग का महत्व
यशोदा और कृष्णा की पेंटिंग 1890 के दशक में बनाई गई थी और इसमें कृष्ण और यशोदा की मां और बच्चे के प्रेम को दर्शाया गया है। यह रचना राजा रवि वर्मा के सबसे प्रभावशाली कामों में से गिनी जाती है जानकारी के अनुसार इस पेंटिंग का विस्तृत विवरण और यथार्थवाद इसे भारतीय कला का राष्ट्रीय खजाना मानता है।
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नीलामी का रिकॉर्ड और बिक्री बना फेमस होने की वजह
इस नीलामी में पेंटिंग की अनुमानित कीमत 80 करोड रुपए से लेकर 120 करोड रुपए के बीच रखी गई थी। सोशल मीडिया की जानकारी और पीटीआई के अनुसार जब नीलामी में बोली लगने लगी तो इसे अंतिम बोली 167. 20 करोड रुपए में बेचा गया। इससे पहले आधुनिक भारतीय कला का रिकॉर्ड एमएफ हुसैन के अनटाइटल्ड ग्राम यात्रा के पास था लेकिन अब साइरस पुणेवाला सबसे महंगे नीलामी पेंटिंग खरीदने वाले व्यक्ति बन गए हैं।
Cyrus Poonawalla का ऑफिशियल बयान
साइरस पूनावाला ने कहा कि इस राष्ट्रीय खजाने को सुरक्षित रखने और समय-समय पर पब्लिकली प्रदर्शन करने के लिए उपलब्ध कराने का वह प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा ये अवसर मुझे इस प्रतिष्ठित पेंटिंग को संरक्षित करने और जनता के सामने पेश करने का सौभाग्य प्रदान करता है।
भारतीय कला बाजार पर क्या हुआ प्रभाव
Saffronart की सह संस्थापक मीनल वजीरानी के अनुसार यह बिक्री भारतीय कला बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मौका है इसमें आधुनिक भारतीय कला की वैश्विक मांग और निवेश करने वाले लोगों की रुचि बढ़ने की उम्मीद लग रही है।
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इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व
राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ने भारतीय पौराणिक कथाओं और कलात्मक विरासत की प्रतिष्ठा को स्थापित किया है। जानकारी के अनुसार या न केवल एक फाइनेंशियल रिकॉर्ड है बल्कि भारतीय सांस्कृतिक और कला की स्थाई महत्वता को भी दिखाता है।
