सतना। चित्रकूट से लगे हुए क्षेत्र धारकुडी के संत परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज मुंबई में ब्रम्हलीन हो गए। उनका पार्थिव देह सतना जिले के बिंरसिहपुर स्थित धारकुंडी आश्रम लाया गया और अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दोपहर 3.40 बजे आश्रम में पहुंच कर महाराज जी के अंतिम दर्शन कर रहे है, जबकि उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला आश्रम में पहुच कर महाराज को श्रद्धजलि देकर अंतिम दर्शन किए। उनके गुरु भाई, चुनार के सक्तेशगढ़ आश्रम के संत स्वामी अडग़ड़ानंद महाराज समेत कई जानेमाने संत धारकुंडी आश्रम पहुच गए है। सीएम मोहन यादव हेलीकाप्टर से धारकुडी पहुचेगे और वे महाराज को श्रृद्धासुमन अर्पित करने के बाद रीवा एयरपोर्ट से भोपाल रवाना हो जाऐगे।
महाराज ने खुद सामाधि का किया था चयन
जानकारी के तहत जीवित रहते हुए ही परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने समाधि स्थल का चयन किया था। उनकी पार्थिव काया को धारकुंडी आश्रम के गर्भगृह में समाधि दी जाएगी। जंहा भव्य सामाधि तैयार है। सोमवार को संत रीति रिवाज से उनकों सामाधी दी जाएगी।

सतना, रीवा, सागर, जबलपुर की पुलिस तैनात
धारकुंडी आश्रम में सुरक्षा के लिए लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें 200 जिला पुलिस बल, जबलपुर की छठी बटालियन से 60, रीवा पीटीएस से 150 और जेएनपीए सागर तथा जबलपुर जिला पुलिस बल से 60-60 पुलिसकर्मी शामिल हैं। रीवा और सतना की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आश्रम से लगभग 5 किलोमीटर पहले धारकुंडी अस्पताल के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
पहुचे आला अधिकारी
धारकुंडी आश्रम में परमहंस को सामाधि दिए जाने एवं हजारों की संख्या में भक्तों के पहुचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया। रीवा कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत समेत सतना कलेक्टर, एसपी एवं आला अधिकारी धारकंुडी आश्रम में पहुच कर सुरक्षा और व्यावस्था को चुस्त-दुरस्त बनाने में लगे हुए है।




