A minor addicted to online gaming stole jewellery worth lakhs from his mother : रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक नाबालिग बच्चे को चोरी की राह पर धकेल दिया। मां के जेवर चुराकर गेम में लगाने वाले इस बच्चे ने घटना का राज पुलिस के सामने खोल दिया। पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर बरामद कर पीड़ित महिला को सुपुर्द कर दिए। महिला ने प्रकरण दर्ज नहीं कराने का फैसला किया है।
घटना के अनुसार, सीधी जिले की जमोड़ी निवासी एक महिला 7 फरवरी को अपने परिवार के साथ रीवा में अपनी बहन की शादी समारोह में शामिल होने आई थी। यहां रिश्तेदारी में ठहरी महिला ने शादी से लौटकर अपने जेवर उतारकर एक टिफिन बॉक्स में रख दिए थे। किसी काम में व्यस्त होने के कारण उनका ध्यान जेवरों से हट गया। जब वे वापस लौटीं तो टिफिन बॉक्स जेवरों सहित गायब था। महिला ने आसपास तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने बच्चों से पूछा तो कोई जानकारी नहीं मिली। जेवरों में करीब 15 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण थे। महिला ने तुरंत चोरहटा थाने में चोरी की सूचना दी। उन्होंने एक महत्वपूर्ण लीड भी दी कि उनका नाबालिग बेटा उसी समय से घर से गायब था।
थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने बच्चे के मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रैक की। लोकेशन बार-बार बदल रही थी। टीम ने बच्चे को जमोड़ी में ढूंढ निकाला। पूछताछ में बच्चा शुरू में सब कुछ नकारता रहा और पुलिस को गुमराह करता रहा। मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में बच्चे ने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलता था, जिसमें हार-जीत से जुड़े पेमेंट का मुद्दा था। पैसे की जरूरत पड़ने पर उसने मां के जेवर चुरा लिए। बच्चे की निशानदेही पर पुलिस ने रात में टीम भेजकर उसके एक नाबालिग मित्र के पास से पूरा सामान बरामद किया। मां ने सभी जेवरों की पहचान की और उन्हें सुपुर्द कर लिया गया।
थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि बच्चे की मानसिकता जांच की जा रही है। संभावना है कि उधार चुकाने या गेम में और पैसे लगाने के लिए उसने यह कदम उठाया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और ऑनलाइन गेमिंग की लत के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दे रही है।




