Controversy over Shivpuri Thar accident: शिवपुरी में 16 अप्रैल को थार से पांच लोगों को कुचलने वाले मामले में भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के विवादित बयान पर अब मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने विधायक द्वारा करेरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को दी गई कथित धमकी भरी टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, लगातार विवादित बयानों के बाद भाजपा पार्टी नेतृत्व ने विधायक को चेतावनी दी है और इसकी जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को भी दे दी गई है।
Controversy over Shivpuri Thar accident: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में 16 अप्रैल को हुए थार (Thar) दुर्घटना मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी (BJP MLA Pritam Singh Lodhi) ने अपने बेटे दिनेश लोधी (Dinesh Lodhi) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर करेरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ (SDOP Dr. Ayush Jakhar) को कथित तौर पर धमकी भरा बयान दिया है। इस वायरल वीडियो को लेकर मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन (Madhya Pradesh IPS Association) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
16 अप्रैल की सुबह करीब 7:30 बजे करेरा क्षेत्र में भाजपा विधायक के बेटे द्वारा चलाई जा रही महिंद्रा थार (Mahindra Thar) ने पांच लोगों को टक्कर मार दी। इसमें तीन बाइक सवार और दो महिला पैदल यात्री घायल हुए। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें एसडीओपी आयुष जाखड़ (IPS officer Ayush Jakhar) प्रमुख भूमिका में हैं।घटना के तुरंत बाद विधायक प्रीतम लोधी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कानून अपना काम करेगा और किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। लेकिन कुछ दिनों बाद उनका लहजा पूरी तरह बदल गया।
विधायक का विवादित बयान
वायरल वीडियो में प्रीतम लोधी एसडीओपी से कहते सुनाई दे रहे हैं- “क्या करैरा तेरे डैडी का है… तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना… मेरा बेटा करैरा आएगा और चुनाव भी लड़ेगा।” उन्होंने अधिकारी के इतिहास देखने की बात कही और गलत तरीके से जांच करने पर सख्त परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। कुछ रिपोर्ट्स में विधायक ने अधिकारी के आवास को गोबर से भरने (fill house with cow dung) की भी धमकी दी। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गई।
आईपीएस एसोसिएशन की तीखी प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन (Madhya Pradesh IPS Association) ने प्रेस नोट जारी कर विधायक के बयान की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर (Chanchal Shekhar) ने कहा कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा अशोभनीय (objectionable language) और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। प्रेस नोट में एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया गया है। ऐसे बयानों से न केवल पुलिस बल के मनोबल (police morale) पर नकारात्मक असर पड़ता है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है। एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वे अपने पद की गरिमा बनाए रखें और मर्यादित भाषा (dignified language) का उपयोग करें। साथ ही, इस आचरण को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अस्वीकार्य बताते हुए उचित एवं सख्त कार्रवाई (strict action) की मांग की गई है और मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से मुलाकात का समय मांगा गया है।
भाजपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि भाजपा (BJP) के उच्च नेतृत्व ने विधायक के लगातार विवादित बयानों पर संज्ञान लिया है। उन्हें चेतावनी दी गई है और इसकी जानकारी केंद्रीय नेतृत्व (central leadership) को भी दी गई है।यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण संबंध लोकतंत्र की जड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। पुलिस जांच अभी जारी है और थार वाहन (Thar vehicle) को जब्त कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है।
