नईदिल्ली। एसआईआर में गड़बड़ी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बार फिर दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। गुरूवार को यह जानकारी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए दिए है। उन्होने कहा कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए तिरंगा फहराना भी अपराध बना दिया है। चर्चा के दौरान प्रशांत भूषण ने तो सरकार बदलने तक की बात कह डाली और इसके लिए उन्होने युवाओं को एकजुट होने का ऐलान किए।
कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में हो रहे प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट यह आदेश कनाड प्लेस के एक व्यापारी की याचिका पर दिए है। जिसमें व्यापारी ने व्यापार प्रभावित होने का दावा पेश किया था। ज्ञात हो कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर
दिल्ली में एक बार फिर सीजेपी समेत अन्य दलों के आंदोलन को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिससे किसी भी तरह की स्थित से निपटा जा सकें। ज्ञात हो कि मीडिया से चर्चा करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन माना गया। किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए। सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रही है।
नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने और मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। हमारा आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति का नहीं है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक यह आंदोलन जिंदा है।
प्रकाश राज ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने हमें जंतर-मंतर से छूमंतर करने की कोशिश की, लेकिन हमने पूरे देश को जंतर-मंतर बनाने का फैसला किया है। हम देश के हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बना देंगे।
प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता बदलनी होगी। भाजपा ने भी बार-बार आंदोलन करके सरकार बदली है। सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है। इस देश में तानाशाह सरकार नहीं चल सकती।




