कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएंगी और आगे भी उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह ने सोमवार देर रात करीब 1 बजे एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी।
वीडियो में सौरव दास ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत हुई। उन्होंने अधिकारियों के सामने यह चिंता जताई कि आंदोलन स्थगित करने के समय सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पूरी तरह लागू नहीं हो रहे हैं और अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।
सौरव दास के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें बिहार सरकार के गृह विभाग की एक प्रेस रिलीज दिखाई। उनका दावा है कि इसमें कहा गया है कि आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सभी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का भरोसा दिया है और जल्द ही इस संबंध में एक औपचारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया जाएगा।
इससे पहले सोमवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो देशभर में फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि सरकार आंदोलन खत्म कराने के दौरान हुए समझौते का पालन नहीं कर रही है और लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर दोबारा प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास, आशुतोष रांका और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल मौजूद रहे। बाद में देर रात पार्टी ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद राहत मिलने का दावा किया। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने CJP के लीगल फंड में ₹1 करोड़ देने की घोषणा भी की। पार्टी के अनुसार, इस फंड का इस्तेमाल उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए किया जाएगा जिनके खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं या दर्ज होने की आशंका है।
कपिल सिब्बल ने यह भी बताया कि CJP जल्द एक वेबसाइट शुरू करेगी। इस प्लेटफॉर्म पर उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों की जानकारी उपलब्ध होगी जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। साथ ही देशभर के वकील भी इससे जुड़कर जरूरतमंदों को कानूनी सहायता दे सकेंगे।
उधर, बिहार सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले राज्य में हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के इस फैसले को प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।




