रीवा। जिले के त्यौंथर जनपद मुख्यालय में आयोजित जिला स्तरीय मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह सम्मेलन सामाजिक समरसता और मानवता की मिसाल बन गया। इस भव्य समारोह में कुल 186 नवयुगल जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रस्मों और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा और गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। शहनाई की मंगल ध्वनि और विवाह गीतों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में सरोबार कर दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें सुखद भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा संबल और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के हर वर्ग में भाईचारा और एकता का संदेश जाता है।
इस विवाह सम्मेलन में मानवता और सादगी के कई अनूठे उदाहरण देखने को मिले। जनपद पंचायत सदस्य रामानुज आदिवासी ने समाज के सामने मिसाल पेश करते हुए अपनी पुत्री का विवाह इसी सम्मेलन में संपन्न कराया। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पद की गरिमा के साथ मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन किया; जनपद पंचायत सीईओ प्रवीण बांसोड़ और समग्र सुरक्षा विस्तार अधिकारी अरविंद तिवारी ने स्वयं कन्यादान की रस्म पूरी कर नवदंपत्तियों को विदा किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों ने सुनिश्चित किया कि जोड़ों को योजना के तहत मिलने वाली सामग्री और सहायता राशि का लाभ सुगमता से प्राप्त हो। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, पंच-सरपंच और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से नवविवाहित जोड़ों के मंगलमय जीवन की कामना की।




