Twisha Sharma Case: भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामले में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज हत्या (Dowry Death) का केस दर्ज किया गया है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहमति जताई है। वहीं परिवार ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता फोरम की न्यायाधीश पद से तुरंत हटाने की मांग की है।
Twisha Sharma Case: राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में लगातार नया खुलासा हो रहा है। कटारा हिल्स पुलिस ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह, उनके बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या (Dowry Death) का मामला दर्ज किया है।
न्यायाधीश सास पर गंभीर आरोप
गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 की न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने गिरिबाला सिंह, उनके अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह और अन्य पर दहेज हत्या का FIR दर्ज किया है। गिरिबाला सिंह को शुक्रवार को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने परिवार से की मुलाकात
मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा, सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर समेत कई पूर्व अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंत्रालय में मुलाकात कर न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि यदि परिवार चाहे तो राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में पोस्टमार्टम कराने का फैसला अदालत करेगी और यदि कोर्ट अनुमति देता है तो राज्य सरकार शव को दिल्ली एम्स पहुंचाने की पूरी व्यवस्था करेगी।
पद से हटाने की मांग
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश पद से तुरंत हटाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा कि दहेज हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी बनने के बाद गिरिबाला सिंह को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। नवनिधि शर्मा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कदाचार या गंभीर आरोप लगने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को पद से हटाया जा सकता है। उन्होंने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल और राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की है।




