MP Farmers Protest Decisions: भोपाल में जारी किसान आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी है। इसके साथ ही किसानों के लिए Slot Booking की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, जबकि खाद वितरण में लागू E-Token System को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
MP Farmers Protest Decisions: भोपाल में पिछले दो दिनों से जारी किसान आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच करीब चार घंटे तक चली अहम बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी। इसके बाद आंदोलन में शामिल किसान अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हो गए। सरकार के फैसलों को किसानों की प्रमुख मांगों पर बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मूंग खरीदी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला
बैठक के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की कि अब पात्र किसानों से उनकी मूंग उपज का केवल 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन (Procurement) किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से अधिक संख्या में किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में इसका लाभ विशेष रूप से देखने को मिलेगा।
केंद्र से मिली 4.52 लाख मीट्रिक टन खरीदी की मंजूरी
सरकार ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष के लिए केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदने की मंजूरी दी है। यह खरीदी PM-AASHA Scheme के तहत की जाएगी, जिसमें राज्यों को कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन करने का प्रावधान है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपनी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अधिक किसानों को लाभ देने का निर्णय लिया है।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाई
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की समय-सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब किसान 10 अगस्त तक स्लॉट बुक करा सकेंगे, जबकि मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को फसल बेचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और खरीद प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सकेगी।
खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
खाद वितरण में लागू E-Token System को लेकर किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने इसे फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था भविष्य में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
ई-टोकन व्यवस्था की समीक्षा करेगी उच्चस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक High-Level Committee गठित की जाएगी। यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत समीक्षा करेगी और सुधार संबंधी सुझाव राज्य सरकार को सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक बदलाव लागू किए जाएंगे।
किसानों की प्रमुख मांगों पर सरकार ने दिखाई तत्परता
सरकार का कहना है कि किसानों के साथ सकारात्मक संवाद के जरिए उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय लिया गया है। मूंग खरीदी बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग की अवधि बढ़ाने और ई-टोकन व्यवस्था पर रोक जैसे फैसलों के बाद किसान आंदोलन समाप्त हो गया है। इन निर्णयों को प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत और कृषि क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।




