MP: बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज, 26 ग्राम पंचायतों का सर्वे शुरू, सरकार जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

Betul Municipal Corporation: मध्य प्रदेश के बैतूल को जल्द नगर निगम का दर्जा मिल सकता है। नगरीय विकास विभाग के निर्देश पर 26 ग्राम पंचायतों का सर्वे और प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है। कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम फैसला लेगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल नगर निगम का गठन किया जा सकता है।

Betul Municipal Corporation: मध्य प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव (Urban Local Body Election) से पहले बैतूल को नगर निगम (Municipal Corporation) का दर्जा मिलने की संभावना बढ़ गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Urban Development Department) के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा में शामिल किए जाने वाले गांवों का अध्ययन शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार बैतूल को नगर निगम बनाने पर अंतिम निर्णय लेगी।

कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला

सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर द्वारा क्षेत्र की प्रशासनिक स्थिति, जनसंख्या और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे की चर्चा तेज है, क्योंकि बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल करते हैं।

ग्राम पंचायत कर्मचारियों का तैयार किया गया विवरण

नगर निगम गठन की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शिवानी राय ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारियों की जानकारी शामिल की गई है। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट एसडीएम और एसडीओ (राजस्व) के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय को भेज दी गई है। वहीं, इस संबंध में कलेक्टर और विधायक हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जा चुकी है, जिसके बाद प्रशासनिक प्रक्रिया को और गति मिली है।

इन 26 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में किया जा सकता है शामिल

प्रस्तावित नगर निगम सीमा (Municipal Boundary) में जिन 26 ग्राम पंचायतों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, उनमें कढ़ाई, दनोरा (भ), बड़ोरा, आरूल, बाजपुर, भैंसदेही, खेड़ली, मरामझिरी, टेमनी, जामठी, खेड़ला, डहरगांव, खेड़ी सांवलीगढ़, महदगांव, भड़ूस, कुम्हारटेक, भोगीतेड़ा, रोढ़ा, सूरगांव, भरकावाड़ी, खंडारा, मलकापुर, मिलानपुर, बयावाड़ी, ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं।

छह महीने में पूरी हो सकती है प्रक्रिया

यदि राज्य सरकार बैतूल को नगर निगम बनाने की मंजूरी देती है, तो वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से पहले पूरी Administrative Process पूरी करनी होगी। इसके तहत संबंधित ग्राम पंचायतों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद इन गांवों की मतदाता सूची (Voter List) को पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

जनसंख्या के मानकों पर भी होगा परीक्षण

नगर निगम का दर्जा देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रस्तावित क्षेत्र की कुल आबादी सरकार द्वारा निर्धारित Population Criteria और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करती है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश में फिलहाल 16 नगर निगम

वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल 16 नगर निगम हैं। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, रतलाम, उज्जैन, मुरैना, कटनी, देवास, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा सीएम मोहन यादव पहले ही विदिशा को नगर निगम बनाने की घोषणा कर चुके हैं, हालांकि वहां प्रक्रिया अभी लंबित है। अब बैतूल को लेकर भी अगले कुछ महीनों में सरकार का फैसला सामने आ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *