एमपी न्यूज। मध्य प्रदेश के बियर शैकिनों को जोर का झटका जरा धीरे से लग रहा है, क्योकि अप्रैल माह के शुरूआत में ही बियर का संकट सामने आ रहा है। कमी किस वजह से है यह अभी स्पष्ट नही हो पाया है, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए आबकारी विभाग ने बियर के निर्यात पर रोक लगा दिया है। जिससे एमपी में बियर की कंमी को कवर किया जा सकें।
प्रीमियम ब्रांडों का सीमित स्टॉक
जो जानकारी आ रही है उसके तहत आबकारी विभाग द्वारा बियर के निर्यात पर रोक लगाना और प्रीमियम ब्रांडों का सीमित स्टॉक होना है। इसके साथ ही, राज्य में नई आबकारी नीति (2026-27) के तहत 15-20 प्रतिशत तक शराब महंगी होने की संभावना है। माना जा रहा है उक्त बिन्दुओं के चलते बियर की सप्लाई में कंमी आ रही है।
गर्मी में बढ़ जाती है डिमांड
ज्ञात हो कि गर्मी का मौसम बियर के लिए पीक होता है और इस मौसम के आते ही बियर की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में बियर की सप्लाई ज्यादा हो जाती है, तो वही ठेकेदार परेशान है कि शुरूआती दौर में ही आबकारी विभाग स्टाक उपलब्ध नही करा पा रहा है। ऐसे में ठेकेदारों को घाटा लगेगा।
एमपी बियर संकट की वजह
बियर निर्यात पर प्रतिबंधः आबकारी विभाग ने प्रदेश से बाहर बियर भेजने पर रोक लगा दी है ताकि स्थानीय मांग को पूरा किया जा सके, फिर भी आपूर्ति कम है।
निर्माताओं पर कार्रवाईः सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज के लाइसेंस अवैध परमिट मामले में निलंबित होने से भी आपूर्ति प्रभावित हुई है।
प्रीमियम ब्रांडों की कमीः बाजार में लोकप्रिय प्रीमियम बियर ब्रांडों का स्टॉक बहुत सीमित हो गया है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
454 शराब दुकानें नहीं बिकींः नई नीलामी के बाद भी 454 मदिरा दुकानें नहीं बिकी हैं, जिसके कारण भी शराब की उपलब्धता पर असर पड़ा है।




