Bangladesh Voilence : उस्मान हादी ने हसीना को सत्ता हटाया था, अब उसकी मौत से सुलग रहा बांग्लादेश; 25 पत्रकारों को बचाया गया

Security forces deployed on the streets of Bangladesh amid violent protests following the death of political figure Usman Hadi.

Bangladesh Voilence : बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद फिर हिंसा फैल गई है। कई शहरों में हालात बिगड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई मीडिया कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों में आग लगा दी। कई पत्रकारों पर हमला भी हुआ है। पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। बांग्लादेश में शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने आपात बैठक बुलाई है। शाहबाद चौराहे पर भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने हादी की सुरक्षा में कमी का आरोप लगाया। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हादी की मौत गोली लगने के कारण हुई है। अब उनके शव को बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।

हादी की मौत से बांग्लादेश में भड़की हिंसा

गुरुवार को बांग्लादेश इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी का सिंगापुर में निधन हो गया है। 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में हादी एक ऑटो-रिक्शा में यात्रा कर रहे थे। तभी अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। वह ढाका में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारने के बाद अस्पताल में इलाज करा रहे थे। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने जानकारी दी कि शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे। यूनुस ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने हमलावर को पकड़ने और कार्रवाई करने का वादा किया है।

बांग्लादेश में एक दिन का राजकीय शोक घोषित

मुहम्मद यूनुस ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया है और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। लेकिन इस बीच, हादी की मौत से बांग्लादेश में उबाल आ गया, गुस्से में लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसा का रूप ले लिया। यूनुस ने लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हादी फासीवादी ताकतों और आतंकवादियों के खिलाफ लड़ रहे थे। यह सरकार और उनके विरोधियों के बीच की लड़ाई थी।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी शेख हसीना विरोधी संगठन इंकलाब मंच के प्रमुख सदस्यों में से एक थे। वह संगठन के प्रवक्ता भी थे और आगामी फरवरी में होने वाले चुनाव में ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में प्रचार कर रहे थे। जुलाई 2024 में हुए छात्र विद्रोह के दौरान, इंकलाब मंच राष्ट्रीय चर्चा में आया था, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता को चुनौती दी थी। उस्मान बिन हादी का जन्म बांग्लादेश के झलकाठी जिले में हुआ था। उनके परिवार का जीवन धार्मिक और सामान्य था। उनके पिता मदरसा शिक्षक थे, जिन्होंने हादी को अनुशासन, अध्ययन और नैतिक मूल्यों की शुरुआती शिक्षा दी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नेसराबाद कामिल मदरसे से प्राप्त की।

इंकलाब मंच हमेशा से विवादों में घिरा रहा

बांग्लादेश की राजनीति में इंकलाब मंच को लेकर लगातार विवाद रहा है। कई बार इसे कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर देखा गया है। छात्र आंदोलन के बाद बनी अंतरिम सरकार ने इस संगठन को भंग कर दिया था और इसे आगामी चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद, संगठन से जुड़े नेता सक्रिय रूप से राजनीतिक गतिविधियों में लगे रहे हैं। इस कारण 12 दिसंबर को हादी पर दिन-दहाड़े हमला किया गया था, उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आई थी। जिससे उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, हालत गंभीर होने पर हादी को सिंगापुर के जनरल अस्पताल की न्यूरोसर्जिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया। लेकिन गुरुवार को नकी मौत हो गई। हादी की मौत से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया और बांग्लादेश में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

हिंसा के बीच 25 पत्रकारों को किया गया रेस्क्यू

ढाका के कावरान बाजार में द डेली स्टार अखबार के कार्यालय पर भीड़ के हमले के चार घंटे से अधिक समय बाद कम से कम 25 पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुक्रवार की अल सुबह, भीड़ ने अंग्रेजी दैनिक के कार्यालय में घुसपैठ की। रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने बंगाली दैनिक प्रोथोम आलो पर हमला किया था, इमारत में तोड़फोड़ की, नारे लगाए और आग लगा दी। AFP के अनुसार, बांग्लादेश के सबसे बड़े समाचार पत्रों में से दोनों को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया है क्योंकि उनका आरोप है कि ये समाचार पत्र पड़ोसी देश भारत के साथ गठबंधन में हैं, जहां शेख हसीना ने शरण ली है।

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