Bandhan Bank मैं अपनी फंडिंग प्लानिंग में बदलाव करते हुए लगभग 7000 करोड रुपए के डिपॉजिट को कम कर दिया है। ये फैसला फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही के दौरान उठाया गया है बैंक का उद्देश्य महंगे और काम स्थिर के डिपॉजिट पर निर्भरता को घटकर बेहतर गुणवत्ता वाली फंडिंग को सुनिश्चित कर लेना है। इस प्लानिंग का असर बैंक की फंडिंग लागत लोन के ग्रंथ और भविष्य के लाभ पर देखने को मिल सकता है।

Bandhan Bank ने क्यों घटाए अपने Bulk Deposits?
बंधन बैंक के प्रबंधन के अनुसार बैंक अपनी देनदारी की गुणवत्ता सुधारने पर अब काम कर रहा है बल्क डिपॉजिट आमतौर पर बड़े कॉरपोरेट या इंस्टीट्यूशन निवेश करने वाले लोगों से ही जुटाए जाते हैं जिन पर ब्याज दर अपेक्षा के अनुसार अधिक होती है और इसके अचानक निकलने पर रिस्क भी रहता है। कंपनी की ऑफिशियल बयान के अनुसार बैंक अपने ऐसे महंगे डिपॉजिट के हिस्सेदारी को काम करके अधिक स्थिर रिटेल डिपॉजिट और करंट अकाउंट बढ़ाने प्लानिंग अपना रहा है।
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लोन ग्रोथ के लिए Borrowing के विकल्पों पर विचार
बल्क डिपॉजिट में कमी होने के बावजूद बंधन बैंक में स्पष्ट बताया कि वह अपनी लोन की ग्रोथ में गति बनाए रखना चाहता है। इसके लिए बैंक अलग-अलग उधर के ऑप्शन जैसे इंस्टीट्यूशन उधारी और अन्य फंडिंग के ऑप्शन का उपयोग करके संभावनाओं पर काम कर रहा है। बाजार की विश्लेषकों के अनुसार अगर बैंक कम लागत वाले संसाधनों के साथ वैकल्पिक फंडिंग का संतुलन बना लेते हैं तो आने वाले समय में इसकी फंडिंग प्रोफाइल पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब हो सकता है?
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार बैंकिंग क्षेत्र में फंडिंग लागत और नेट इंटरेस्ट मार्जिन निवेश करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक की तरह ही होते हैं। बल्क डिपॉजिट में कमी आने से भविष्य में ब्याज लागत नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी लेकिन अगर रिटेल डिपॉजिट अपेक्षा के अनुसार गति से नहीं बढ़ती है तो उधर की लागत बढ़ने की भी संभावनाएं देखी जा सकती है। बाजार की विशेषों के मुताबिक निवेश करने वाले लोगों की नजर अब बैंक के डिपॉजिट ग्रोथ रेशों और एन आई एम के प्रदर्शन पर होने वाली है।
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क्या होगा आगे का आउटलुक
बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है और ज्यादातर बैंक, प्राइवेटबैंक कम लागत वाले रिटेल डिपॉजिट बढ़ाने पर अपना ध्यान दे रहे हैं ठीक उसी प्रकार बंधन बैंक की प्लानिंग भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताई जा रही है हालांकि भविष्य में इस प्लानिंग के सफलता इस बात पर निर्भर होने वाली है कि बैंक डिटेल डिपॉजिट को बढ़ाने फंडिंग लागत को नियंत्रित करने और लोन के ग्रंथ को संतुलित करने में कितना ही सफल रहता है कंपनी ने फिलहाल से अपने लंबे समय के विकास प्लानिंग का हिस्सा बतायाहै।
यह आर्टिकल केवल सूचना की जानकारी के लिए है इसको निवेश की सलाह के रूप में नहींसमझे।




