बाबा अंबेडकर का एमपी में हुआ था जन्म, कुरीतियों से तंग होकर अपनाया था बौद्ध धर्म

बाबा अंबेडकर जंयती। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का मध्य प्रदेश से अटूट और जन्मजात रिश्ता है। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को इंदौर जिले के महू छावनी में हुआ था। महू में उनके जन्मस्थान को अब एक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया गया है, जो उनकी यादों को संजोए हुए है। 14 अप्रैल को उनका जन्मदिवस आम्बेडकर जयंती के तौर पर भारत समेत दुनिया भर में मनाया जाता है।

इस लिए अपना लिए बौद्ध धर्म

बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर हिंदू धर्म में व्याप्त कुरूतियों और छुआछूत की प्रथा से तंग आकर सन् 1956 में बौद्ध धर्म अपना लिया था। उनका परिवार कबीर पंथ को माननेवाला मराठी मूल का था और वो वर्तमान महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में आंबडवे गाँव के निवासी थे। वे हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो तब अछूत कही जाती थी और इस कारण उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव सहन करना पड़ता था।

दिया गया था भारत रत्न

बाबा भीमराव अंबेडकर को सन् 1990 में भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था। डॉक्टर आंबेडकर की विरासत में लोकप्रिय संस्कृति में कई स्मारक और चित्रण शामिल हैं। उनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ, इसलिए हर साल 6 दिसंबर को ’महापरिनिर्वाण दिवस’ आयोजित किया जाता है।

जाने बाबासाहेब का एमपी कनेक्शन

जन्मभूमिः महू, मध्यप्रदेश में उनका जन्म हुआ, जहाँ उनके पिता रामजी मालोजी सकपाल ब्रिटिश सेना में सूबेदार थे।
प्रारंभिक जीवनः यद्यपि बाद में उनका परिवार महाराष्ट्र चला गया, लेकिन महू में बिताया गया प्रारंभिक बचपन उनके जीवन का अभिन्न अंग था।
तीर्थस्थलः महू का जन्मस्थान न केवल एक स्मारक है, बल्कि यह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का एक तीर्थस्थल है।
महू का सम्मानः मध्य प्रदेश सरकार ने महू का नाम बदलकर “डॉ. अंबेडकर नगर“ किया है, जो उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *