अमरावती यौन शोषण कांड : लड़कियों को पटाने की शर्त से शुरू हुआ ‘डर्टी गेम’, 500 रुपये में बेचते थे इज्जत

अमरावती यौन शोषण कांड : महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक संगठित अपराध का भंडाफोड़ हुआ है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। परतवाड़ा इलाके में युवतियों के यौन शोषण, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने और ब्लैकमेलिंग के इस जघन्य मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मकसद था युवतियों को फंसाकर वीडियो बनाना और फिर उनका दुरुपयोग करना।

कैसे हुई अमरावती कांड की शुरुआत?

अमरावती कांड की शुरुआत तब हुई जब पुलिस को पता चला कि आरोपी आयान अहमद और उजर खान ने मिलकर कई युवतियों को फंसाया है। दोनों आरोपियों के बीच एक खतरनाक शर्त तय हुई थी कि कौन ज्यादा लड़कियों को फंसाकर वीडियो बना सकता है। इसी प्रतिस्पर्धा ने इस पूरे अपराध का भंडाफोड़ कर दिया। जांच में सामने आया है कि आयान अहमद परतवाड़ा के कठोरा नाका क्षेत्र में एक रिहायशी फ्लैट का इस्तेमाल करता था, जहां युवतियों को बहला-फुसलाकर लाया जाता था और उनके साथ दुष्कर्म कर वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे। इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता था।

लड़कियों के प्राइवेट वीडियो से होती थी ब्लैकमेलिंग

पुलिस की जांच से पता चला है कि आयान अहमद, जो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का पूर्व सदस्य भी रह चुका है, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवतियों से संपर्क बनाता था। उसने करीब 18 वीडियो और 39 तस्वीरें बनाई हैं, जिन्हें वह डराने और पैसे हासिल करने के लिए प्रयोग करता था। साथ ही, एक सहयोगी भी था, जिसे प्रति लड़की करीब 500 रुपये दिए जाते थे ताकि वह युवतियों को बहला-फुसलाकर फ्लैट तक पहुंचा सके।

युवतियों के गंदे वीडियो ऑनलाइन डालने पर खुला राज

जब पुलिस को पता चला कि आरोपी आयान और उजर ने मिलकर कई युवतियों को फंसाया है। दोनों ने वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल करने का खेल खेला। शुरुआत में तो दोनों ने इन वीडियो को ऑनलाइन डालने का सिलसिला चलाया, जिससे उनका नेटवर्क फैल गया। लेकिन जब विवाद बढ़ने लगा तो उजर खान ने गुस्से में आकर वीडियो वायरल कर दिए, जिससे मामला सामने आ गया। मामले पर हिंदू संगठनों ने ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया है, लेकिन महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने इसे खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह एक संगठित शोषण का मामला है, जिसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया

पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाल ही में दो और आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। कोर्ट ने उजेर खान, तरबेज खान और मोहम्मद साद समेत अन्य आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा है। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने वीडियो आगे भेजे थे, जिससे इस पूरे संगठित नेटवर्क का खुलासा होता है। पुलिस को अभी तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें भी बरामद हुई हैं।

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