रीवा: रीवा जिले में रीवा-सीधी फोरलेन सड़क निर्माण के लिए किए गए भू-अधिग्रहण में बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस मनमानी और अन्यायपूर्ण प्रक्रिया से नाराज प्रभावित सात गांवों के किसान बुधवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी जोरदार नाराजगी जताई। किसानों का आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने बिना किसी वैध गणना पत्रक के ही सीधे नोटिस जारी कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर दी और उनके प्लॉट व जमीनों का मनमाना मुआवजा निर्धारित कर दिया है, जो पूरी तरह से गलत है।
नए सिरे से मुआवजा तय करने की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया को दोबारा चलाया जाए और नए सिरे से सही मुआवजा निर्धारित किया जाए। किसानों का कहना है कि उनकी जमीनों का मूल्यांकन पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
###कलेक्टर ने दी स्पष्ट स्थिति किसानों की इस समस्या पर चर्चा करते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि मुआवजा निर्धारण और डिग्री पारित होने की अब एक निश्चित कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस स्थिति के बाद अब किसानों को न्याय पाने के लिए आर्बिट्रेटर या उच्च न्यायालय का रुख करना होगा। हालांकि, कलेक्टर ने किसानों की नाराजगी और उनकी इस मांग को शासन स्तर तक जरूर पहुंचाने का पूरा आश्वासन दिया है।




