Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रहा विमान बारामती में क्रैश हो गया। इस हादसे में अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुबह बारामती रनवे पर विजिबिलिटी कम थी, जिस वजह से विमान ने ATC से लैंडिंग की इजाज़त मिलने से पहले हवा में चक्कर लगाए। हालांकि, ATC से इजाज़त मिलने के बाद भी विमान ने ATC को कोई ‘रीड-बैक’ या जवाब नहीं दिया, और कुछ ही देर बाद वह रनवे के किनारे क्रैश हो गया और उसमें आग लग गई।
कम विजिबिलिटी में लैंडिंग की कोशिश। Ajit Pawar Plane Crash
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले कहा था कि विमान कम विजिबिलिटी के बीच लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में ‘VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के ‘लियरजेट 45’ विमान के दुर्भाग्यपूर्ण क्रैश के आखिरी 26 मिनट का ब्यौरा दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह दुखद हादसा कम विजिबिलिटी और लैंडिंग के आखिरी पलों में ATC से संपर्क टूटने के कारण हुआ।
आखिरी 26 मिनट में क्या हुआ? Ajit Pawar Plane Crash
- सुबह 08:18 बजे, विमान ने ATC से पहला संपर्क स्थापित किया। पायलट को अपनी मर्ज़ी से ‘विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशंस’ के तहत नीचे उतरने की सलाह दी गई।
- लैंडिंग की कोशिश के दौरान, कम विजिबिलिटी के कारण पहली कोशिश में रनवे न देख पाने पर पायलट ने ‘गो अराउंड’ करने का फैसला किया।
- सुबह 08:43 बजे, पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि की, जिसके बाद ATC ने विमान को रनवे 11 पर लैंड करने की इजाज़त दे दी।
ATC से लैंडिंग की मंज़ूरी मिलने के बाद, क्रू की तरफ से कोई जवाब (रीड-बैक) नहीं आया। - सुबह 08:44 बजे, ATC ने रनवे के किनारे आग की लपटें देखीं।
बारामती एयरपोर्ट अनकंट्रोल्ड एयरस्पेस है।
दरअसल, बारामती में ‘अनकंट्रोल्ड एयरस्पेस’ है, और एयर ट्रैफिक की जानकारी बारामती में फ्लाइट ट्रेनिंग संगठनों के इंस्ट्रक्टर/पायलट द्वारा दी जाती है। यह बारामती शहर से कुछ दूरी पर गोजुबावी इलाके में स्थित है। यह मुख्य रूप से एक पब्लिक एयरस्ट्रिप है जिसका इस्तेमाल प्राइवेट चार्टर फ्लाइट्स, VIP मूवमेंट और ट्रेनिंग के मकसद से किया जाता है। बारामती एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के अनुसार, विमान ने सबसे पहले सुबह 8:18 बजे संपर्क किया। उसने उनसे तब संपर्क किया जब वह बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था। विजिबिलिटी कम थी, इसलिए पायलट को अपनी मर्ज़ी से ‘विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशंस’ के तहत नीचे उतरने की सलाह दी गई।
रनवे दिखाई नहीं दे रहा था… Ajit Pawar Plane Crash
क्रू ने हवाओं और विजिबिलिटी के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और विजिबिलिटी लगभग 3,000 मीटर है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “विमान ने फिर रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच की रिपोर्ट दी, लेकिन बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद विमान ने पहले प्रयास में गो-अराउंड किया।” गो-अराउंड के बाद, क्रू से फिर पूछा गया कि क्या उन्हें रनवे दिख रहा है।
लैंडिंग की इजाज़त मिलने के बाद क्या हुआ?
ATC के सवाल पर क्रू का जवाब था इस समय रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। जब रनवे दिखाई देगा तो हम आपसे संपर्क करेंगे।” कुछ सेकंड बाद, क्रू ने बताया कि उन्हें रनवे दिख रहा है। बयान में कहा गया है, “विमान को सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर लैंड करने की इजाज़त दी गई थी। हालांकि, उसने (क्रू ने) लैंडिंग क्लीयरेंस को स्वीकार नहीं किया (ATC को जवाब नहीं दिया)। इसके बाद, सुबह 8:44 बजे, ATC ने रनवे 11 के किनारे आग की लपटें देखीं।”
आग की लपटें देखकर अलर्ट भेजा गया। Ajit Pawar Plane Crash
दरअसल, जब विमान को रनवे 11 पर लैंड करने की इजाज़त दी गई थी, तो उसे तुरंत जवाब देना था, लेकिन ATC को विमान के क्रू से कोई जवाब नहीं मिला। आग की लपटें देखकर, ATC ने तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट भेजा। फायर फाइटर और अन्य इमरजेंसी सेवाएं दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। विमान के दोनों पायलट भी मरने वालों में शामिल थे।
