इंडियन एयर फोर्स। आज भारतीय वायु सेना दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष वायु सेना दिवस की थीम है- ‘इंडियन एयर फोर्स- इनफैलेबल, इम्पेनेट्रेबल एंड प्रिसाइज’ यानी ‘अचूक, अभेद्य और सटीक। भारतीय वायु सेना की शुरुआत 8 अक्टूबर 1932 को रॉयल इंडियन एयरफोर्स के रूप में हुई थी, जिसमें शुरुआती दौर में केवल 4 वेस्टलैंड वापिटी विमान और 5 भारतीय पायलट थे। आज यह दुनिया की एक अत्यंत शक्तिशाली और आधुनिक वायु सेना बन चुकी है।

स्थापना और शुरुआती दौर-1932
ब्रिटिश शासन के दौरान इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स कहा जाता था और इसके पायलट ब्रिटिश अधिकारियों के अधीन काम करते थे। 1933 में इसके पहले स्क्वाड्रन में सिर्फ 4 पुराने विमान शामिल थे। सीमित और मुख्य रूप से ब्रिटिश हितों या छोटे-मोटे अभियानों तक सीमित थी। वर्ष 1950 में जब भारत गणराज्य बना, तब इसके नाम से रॉयल शब्द हटाकर भारतीय वायु सेना कर दिया गया।
अब वर्ष 2026 में वर्तमान स्थिति
वर्तमान में भारतीय वायु सेना में लगभग 1.39 लाख से अधिक सक्रिय कर्मी और 1,900 से ज्यादा उन्नत विमान एवं हेलीकॉप्टर हैं। विश्व की प्रमुख सैन्य विमान शक्तियों में इसकी गिनती होती है (वर्ष 2026 की ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग के अनुसार यह दुनिया की शीर्ष वायु सेनाओं में शामिल है)। इसमें राफेल, सुखोई, मिराज 2000 और स्वदेशी तेजस जैसे आधुनिक व खतरनाक लड़ाकू विमान शामिल हैं। वर्तमान में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह इसका नेतृत्व कर रहे हैं, और आगामी 31 अक्टूबर 2026 से एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित नए प्रमुख का पदभार संभालेंगे।
ताकतवर और आधुनिक लड़ाकू विमान
भारत का सबसे ताकतवर और आधुनिक लड़ाकू विमान डसॉल्ट राफेल है, जिसे फ्रांस से खरीदा गया है। इसके साथ ही सुखोई को भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है।
डसॉल्ट राफेल
यह 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल (बहु-भूमिका वाला) फाइटर जेट है। इसमें मेटेओर और स्कैल्प जैसी घातक मिसाइलें लगी हैं। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने के अलावा परमाणु हमले में भी सक्षम है।
सुखोई
यह लंबी दूरी तक मार करने वाला भारी लड़ाकू विमान है। इसमें ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। एचएएल तेजस, यह भारत में ही निर्मित हल्का और फुर्तीला स्वदेशी लड़ाकू विमान है।
बोले वायु सेना प्रमुख
वायु सेना दिवस पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना सतर्कता और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर ने एकीकृत हवाई अभियानों की निर्णायक क्षमता को फिर से स्थापित किया और देश की संप्रभुता की रक्षा करने की भारतीय वायु सेना की क्षमता और सामर्थ्य को प्रदर्शित किया।
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि इस वर्ष एक्सरसाइज वायुशक्ति, विभिन्न द्विपक्षीय अभ्यास, ड्रोनाथॉन और जारी ऐतिहासिक बहुपक्षीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति सहित कई महत्वपूर्ण गतिविधियों के जरिए वायु सेना अपनी युद्धक तैयारी को लगातार परख रही है और अत्याधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनी संचालन योजनाओं में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध तैयारी के अलावा, भारतीय वायु सेना संकट के समय देश और मानवता की सेवा के लिए भी हमेशा आगे आती रही है।




