मैहर। त्रिकूट पर्वत पर विराजित मां शारदा शक्तिपीठ के विकास को लेकर बड़ी योजना तैयार की जा रही है। “मां शारदा लोक” का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। भव्य “मां शारदा लोक“ का निर्माण 775 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर का विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है।
कमिश्नर-आईजी ने की तैयारी बैठक
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और आईजी गौरव राजपूत ने मैहर पहुंचकर इस परियोजना की समीक्षा की। बैठक में पूरे मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन दिया गया और प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण भी किया गया। योजना के तहत मंदिर क्षेत्र को अलग-अलग जोन में विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, यज्ञशाला, सांस्कृतिक क्षेत्र, मुण्डन संस्कार भवन और भजन संध्या स्थल बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व को बनाए रखते हुए विकास कार्य किए जाएं। साथ ही भविष्य में रोजाना 50 हजार श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। मास्टर प्लान को जल्द अंतिम रूप देकर मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
ऐसा होगा पहला चरण
प्रोजेक्ट का पहला चरण मां शारदा मंदिर, त्रिकूट पर्वत, आल्हा-ऊदल अखाड़ा, दूल्हा देव मंदिर, सीढ़ी मार्ग, रोपवे और परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण करेगा। यहां प्राकृतिक आकर्षण को बनाए रखते हुए मूल स्वरूप में ही विकास किया जाएगा। यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, रास्तों को सुगम बनाया जाएगा और व्यूइंग प्लेटफार्म जैसे बिंदुओं से पहाड़ी सौंदर्य का आनंद लिया जा सकेगा।
दूसरें चरण का कार्य
जोन 2 में प्रस्तावित “वीणा मार्ग“ को मां सरस्वती के वाद्य वीणा की आकृति पर आधारित बनाया जाएगा। यह क्षेत्र त्रिकूट पर्वत के नीचे से बरगी कैनाल तक फैला होगा। यहां मयूर द्वार, हंस वाहिनी द्वार और कमल द्वार जैसे भव्य प्रवेशद्वार तैयार किए जाएंगे जो अपने नामों की विशिष्टता को दर्शाएंगे।
इस थीम बेस्ड जोन में छायादार रास्ते, भूदृश्य क्षेत्र, धर्मशालाएं, प्रतीक्षालय, दुकानें, सड़क नेटवर्क, कथा भवन, सत्संग भवन, मुंडन भवन तथा मां के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस जोन के लिए 242 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं।
तीसरे चरण का कार्य
जोन 3 को प्रवेश क्षेत्र और कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ध्यान व योग पार्क, बस स्टैंड, वाहन पार्किंग, पैदल यात्री मार्ग, हरित पट्टी, धर्मशालाएं, और समारोहों के लिए ओपन एरिया विकसित किए जाएंगे। यह क्षेत्र पीपीपी या बीओटी मॉडल पर बनाया जाएगा, जिसके लिए 318 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।




