A flood of devotees gathered at Dharkundi Ashram: सतना जिले के धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परम पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को जबलपुर से सड़क मार्ग होते हुए धारकुंडी लाया गया है। रीवा वाया सेमरिया मार्ग से पार्थिव देह आश्रम पहुंच चुकी है, जहां अंतिम दर्शन के लिए लाखों भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पूज्य गुरुदेव महाराज के अंतिम दर्शन के लिए धारकुंडी आश्रम में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मार्ग पर जगह-जगह सैकड़ों की संख्या में भक्त नम आंखों से कतारबद्ध खड़े रहे और अपने आराध्य को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
जबलपुर से लाए गए पार्थिव शरीर के पूरे मार्ग पर भक्तों की भावुक भीड़ लगी रही।रीवा जोन आईजी गौरव राजपूत, सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आश्रम प्रबंधन एवं भक्तों के साथ अंतिम दर्शन स्थल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी धारकुंडी आश्रम पहुंचकर स्वामी सच्चिदानंद सद्गुरु देव महाराज के अंतिम दर्शन करेंगे। सीएम के संभावित दौरे की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कलेक्टर और एसपी द्वारा किया गया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी अंतिम दर्शन के लिए आश्रम पहुंच चुके हैं।बतादें कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज शनिवार को मुंबई के बदलापुर आश्रम में 102 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गए थे।
धारकुंडी आश्रम में सोमवार को उनके समाधि स्थल पर विधि-विधान से समाधि दी जाएगी।भक्तों में गहरा शोक व्याप्त है, लेकिन गुरुदेव के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम के साथ वे अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह घटना आध्यात्मिक जगत में एक युग के समापन की याद दिलाती है, जहां स्वामी जी ने विंध्य के घने जंगलों में आश्रम स्थापित कर लाखों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया।
