मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से लाने उठी मांग, सांसद ने केन्द्रीय मंत्री को सौपा पत्र, अंग्रेज ले गए थें यह दुलर्भ प्रतिमा

धार। धार जिले में स्थित भोजशाला की धरोहर को लंदन से वापस लाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। धार-महू लोकसभा क्षेत्र की सांसद सावित्री ठाकुर ने इसके लिए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से सीधे तौर पर मुलाकात करके माता रानी की प्रतिमा को वापस लाने की मांग उठाई है। अपने सौजन्य मुलाकात के दौरान सांसद ने मंत्री श्री शेखावत को भोजशाला की जानकारी देते हुए बताया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र, भोजशाला सरस्वती मंदिर की मां वाग्देवी देवी है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को पत्र सौंपकर प्रतिमा को शीघ्र भारत लाकर भोजशाला में पुनः स्थापित करने का आग्रह की है।

भोजशाला आने का दिया न्यौता

सांसद सावित्री ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत को धार के ऐतिहासिक भोजशाला आने का निमंत्रण दी है। जिससे मंत्री स्वयं इस स्थल का अवलोकर कर सकें। जिससे भविष्य में इस स्थल को एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए आगामी जून में धार आने की सहमति प्रदान की है।

सनातन संस्कृति और चेतना का है केंद्र

सांसद सावित्री ठाकुर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोजशाला केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और चेतना का केंद्र है। न्यायालय द्वारा भोजशाला को हिंदू मंदिर घोषित किया जाना सत्य की बड़ी विजय है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि मां वाग्देवी की वापसी हर सनातन प्रेमी के लिए गर्व और भावनात्मक आस्था का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से माँ वाग्देवी की प्रतिमा जल्द ही भारत लौटेगी और श्रद्धालु पुनः उनके दर्शन कर सकेंगे।

लंदन पहुंचने का मुख्य कारण:

  • अंग्रेजों द्वारा ले जाना: यह प्रतिमा 1900 के दशक की शुरुआत में (1909 के आसपास) धार से ले जाई गई थी।
  • कैप्टन लिनर्ड: कहा जाता है कि तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारी कैप्टन लिनर्ड (Captain E.C. Luard) ने इस प्रतिमा को धार से बाहर निकाला था।
  • ब्रिटिश म्यूजियम में स्थापना: कैप्टन लिनर्ड के बाद यह प्रतिमा ब्रिटिश संग्रहालय में पहुँच गई, जहाँ से इसे लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम (Great Russell Street) में रख दिया गया।
  • 114 साल से कैद: यह प्रतिमा पिछले एक सदी से भी ज्यादा समय से वहां के संग्रहालय की गैलरी संख्या 33 में एक कांच के बक्से में सुरक्षित (कैद) है।
  • यह 11वीं सदी की सफेद संगमरमर (White Marble) से बनी वाग्देवी (सरस्वती) की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा है, जिसे परमार वंश के राजा भोज ने स्थापित किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *