112 किमी का सफर और खाली हाथ वापसी! कमिश्नरी पहुंचे 40 आदिवासी परिवार, नहीं हुई मुलाकात

A 112 km journey and a return empty-handed.

सीधी जिले के मझौली क्षेत्र से करीब 112 किलोमीटर का सफर तय कर 40 आदिवासी परिवार अपनी गंभीर समस्याएं लेकर रीवा संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे, लेकिन लंबी मशक्कत के बाद भी उनकी कमिश्नर से मुलाकात नहीं हो सकी। ये सभी परिवार अपनी जमीन के नामांतरण को लेकर खासे परेशान हैं। उनकी मुख्य शिकायत है कि जिस जमीन पर वे कई-पुलों से आवास बनाकर रह रहे हैं, उसका नामांतरण किसी और के नाम कर दिया गया है, जिससे भविष्य में उनके सिर से छत छिनने का बड़ा डर सता रहा है।

पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे इससे पहले कई बार सीधी कलेक्टर कार्यालय में गुहार लगा चुके थे, लेकिन कहीं भी सुनवाई न होने पर उन्हें मजबूरन संभाग मुख्यालय का रुख करना पड़ा। कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारियों ने कमिश्नर के बैठक में व्यस्त होने की बात कहकर एक घंटे बाद मुलाकात का आश्वासन दिया, जिसके चलते सभी परिवार दोपहर 2 बजे तक वहीं डटे रहे। इस दौरान वहां मौजूद गनमैन द्वारा कड़ी कार्रवाई की बात कहे जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। शाम करीब 4 बजे तक इंतजार करने के बाद अंततः सभी लोग निराश होकर बैरंग वापस लौट गए, जिससे एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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