9 life imprisonment prisoners released from Rewa Central Jail on Republic Day: रीवा। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रीवा केंद्रीय जेल से 9 आजीवन कारावास भुगत रहे बंदियों को सजा में माफी का लाभ देकर रिहा कर दिया गया। ये बंदी अच्छे आचरण के आधार पर रिहाई के पात्र थे। उनका रिहाई प्रस्ताव जिला स्तरीय समिति से जेल मुख्यालय और फिर राज्य शासन को भेजा गया था, जिसे शासन ने स्वीकृति प्रदान की। रिहाई के बाद ये बंदी अब अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन शुरू कर सकेंगे।
जेल अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि कुल 10 बंदियों का रिहाई प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें से 9 बंदियों को आज रिहा किया गया, जबकि एक बंदी नंदीलाल बैगा पर ₹1 लाख का जुर्माना बाकी होने के कारण मूल सजा से तो रिहा किया गया, लेकिन जुर्माने की शेष सजा कल से प्रारंभ होगी। जुर्माना जमा न होने पर उसे अतिरिक्त 2 वर्ष का कारावास भुगतना होगा। यदि वह जुर्माना जमा कर देता है या उसकी आर्थिक स्थिति गरीब पाई जाती है, तो शासन की गरीब कल्याण योजनाओं के तहत राहत मिल सकती है और वह भी रिहा हो सकता है।
रिहा होने वाले अधिकांश बंदी आईपीसी की धारा 302 हत्या के तहत आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इन बंदियों ने जेल में 14 वर्ष की सजा पूरी की थी और 6 वर्ष की माफी मिलने के बाद कुल 20 वर्ष पूरे हो गए। जेल में रहते हुए इन्होंने सिलाई, दरी बुनाई सहित अन्य उद्योगों का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जेल प्रशासन का प्रयास है कि ये बंदी बाहर जाकर इन कौशलों का उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
रिहाई के समय इन बंदियों को जेल में किए गए कार्य का पारिश्रमिक उनके खातों में जमा कर दिया गया। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायत कार्यालयों को पत्र लिखे गए हैं ताकि इन्हें शासन की विभिन्न रोजगारमूलक और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।यह रिहाई गणतंत्र दिवस के मौके पर अच्छे आचरण को प्रोत्साहन देने और बंदियों को समाज में पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
