जीएसटी काउंसिल की हुई 57वीं बैठक, व्यापार को बढ़ाने लिए गए कई अंहम निणर्य

दिल्ली। नई दिल्ली के भारत मंडपम में गुरूवार को 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। बैठक के अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। वित्त मंत्री ने जीएसटी 2.0 की दिशा में बड़े सुधारों का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि व्यापार को आसान बनना है, न कि डराना है।

लिए गए कई अंहम फैसले

जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए कई बड़े और राहत भरे फैसलों पर मुहर लगाई गई है। काउंसिल ने कर अधिकारियों की मनमानी गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश लगाने के साथ ही आपराधिक अभियोजन शुरू करने की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने और कारोबारियों के कार्यशील पूंजी संकट को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस तरह के लिए गए निणर्य

  1. रिफंड अब 60 दिन नहीं, सिर्फ 17 दिन में,
  2. छोटी गड़बड़ी पर गिरफ्तारी पर रोक का प्रस्ताव,
  3. टैक्स चोरी का आपराधिक केस अब 1 नहीं, 5 करोड़ से ऊपर,
  4. सप्लायर टैक्स न भरे तो भी खरीदार का आईटीसी सुरक्षित,
  5. फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने को देशभर में बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन।
  6. डिलीवरी फीस पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव
  7. कर्मचारियों के ग्रुप हेल्थ/लाइफ इंश्योरेंस पर कंपनियों को आईटीसी का लाभ मिलेगा
  8. टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री के बाहर की पाइपलाइन पर आईटीसी मिलेगा।
  9. आउटडोर कैटरिंग और होटल बिजनेस को आईटीसी में छूट
  10. एक्सपायर्ड सामान नियमानुसार नष्ट करने पर भी आईटीसी मिलेगा।
  11. रीट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर सिर्फ 5 प्रतिशत जीएसटी
  12. 10,000 रुपये से कम टैक्स डिमांड पर अब शो-कॉज नोटिस नहीं जारी होगा।

मुख्य फैसले और बदलाव:

  • गिरफ्तारी के अधिकार पर रोक: टैक्स अधिकारियों से मनमानी गिरफ्तारी का अधिकार छीन लिया गया है। अब किसी भी मामले में गिरफ्तारी से पहले अधिकारियों को अदालत (Court) से अनुमति या आदेश लेना होगा। [1]
  • जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं: इस बैठक में जीएसटी टैक्स दरों (GST Rates) में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। भविष्य में दरों से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए साल में एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी। [1]
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business): व्यापार को आसान बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और रिटर्न की प्रक्रियाओं को डेटा और ऑटोमेशन पर आधारित बनाया गया है। [1]
  • छोटे व्यापारियों को राहत: छोटे और मध्यम व्यापारियों (MSME) की कंप्लायंस लागत कम करने और टैक्स रिटर्न की प्रक्रिया को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

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