स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के जेल विभाग के निर्देशानुसार रीवा केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 15 बंदियों को उनके उत्तम आचरण और निर्धारित सभी मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर उनकी शेष सजा माफ करते हुए रिहा कर दिया गया, जिनमें हत्या के मामले में सजा भुगत रहे और 14 वर्ष की वास्तविक तथा माफी सहित कुल 20 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके कैदी शामिल हैं।
स्वतंत्रता दिवस की मुख्य परेड और समारोह के उपरांत रीवा केंद्रीय जेल के अधीक्षक सतीश उपाध्याय द्वारा इन सभी रिहा होने वाले बंदियों को औपचारिक रूप से रिहाई प्रमाण पत्र सौंपे गए, जिनमें रीवा, सिंगरौली और प्रयागराज के एक-एक, अनूपपुर व उमरिया के तीन-तीन, तथा सीधी व शहडोल जिले के दो-दो बंदी शामिल हैं।
जेल अधीक्षक ने बताया कि इन सभी बंदियों को कारागार में रहते हुए विभिन्न प्रकार का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया था, जिसके बल पर अब ये समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर सकेंगे, वहीं इस सराहनीय शासकीय पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रिहा हुए बंदियों के परिजन उन्हें सेंट्रल जेल से आत्मीयता के साथ अपने घर लेकर रवाना हुए।




