नेपाल। नेपाल में आई भयंकर बाढ़ त्रासदी के बीच भारत के 110 यात्री सुरक्षित बार्डर पार करके स्वदेश पहुच गए है। जिसके बाद प्रशासन ने रहत की सांसें लिया है। स्वदेश लौटे भारतियों में ज्यादातर यात्री महाराष्ट्र के नागपुर, नासिक और पुणे क्षेत्र के रहने वाले है।श्रद्धालु सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ बॉर्डर से भारत में एन्ट्री किए है। यहां प्रशासन ने सभी को भोजन कराया और उन्हे वाहनों से रवाना किया।
काठमांडू में फंसे थे 110 श्रद्धालु
महाराष्ट्र से नेपाल धार्मिक आयोजन में शामिल होने गए, ये 110 श्रद्धालु नेपाल के पोखरा घूमने के बाद काठमांडू में आयोजित शिव पुराण महायज्ञ में शामिल हुए। भारत वापसी के दौरान अचानक आई आपदा के कारण कई रास्ते बंद हो गए और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान यात्रियों के पास मौजूद पैसे भी खत्म हो गए, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की पहल
यात्रियों के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे दानपुर से उनकी ट्रेन थी। बिगड़े हालात के बीच परेशान यात्रियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को फोन कर नेपाल में यात्रियों के फंसे होने की जानकारी दी। जिस पर वहां के सांसद ने नेपाल सरकार से बातचीत करके सभी यात्रियों को सुरक्षित पहुचाने का काम किए है।
भयावह दृष्य याद कर संहम जाते है यात्री, कहा घर में रहना ठीक
यात्रियों का कहना था कि जिस पुल को वे पार किए थें, वह थोड़ी ही देर में बह गई, चन्द्र मिनटों में ऐसा भायवह हादसा देखकर वे सहंम गए। उनका कहना था कि यात्रा के दौरान कई तरह की ऐसे भयावह दृष्य जिसे याद करके वे सहमं जाते है। 72 वर्षीय यात्री का कहना था कि अब वे घर पहुच जाए यही प्रार्थना कर रहे है, वे अब यात्रा नही करेगे बल्कि घर में ही पूजा-पाठ करेगे।
इस रेस्क्यू और उनकी वापसी से जुड़ी मुख्य बातें
- कहां फंसे थे यात्री: महाराष्ट्र के नागपुर, नासिक और पुणे क्षेत्रों के ये श्रद्धालु नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करने गए थे, जहां वे अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे के कारण पिछले दो दिनों से फंसे हुए थे।
- प्रशासन की मदद: महाराष्ट्र और बिहार सरकार के आपसी समन्वय तथा नेपाल सरकार के सहयोग से इन सभी को सुरक्षित निकाला गया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने भिट्ठा थाना परिसर में सभी यात्रियों के लिए भोजन, पानी और स्वास्थ्य जांच (Medical Check-up) की व्यवस्था की।
- आगे का सफर: प्राथमिक देखरेख और आराम के बाद प्रशासन ने इन सभी श्रद्धालुओं को विशेष बसों के जरिए पटना भेजा, जहां से वे अपने गृह राज्य महाराष्ट्र के लिए रवाना हो रहे हैं।




