मैहर वाली माता का 10 लाख श्रद्धलुओं ने किए दर्शन, ऐसे बना माई का धाम

शारदाधाम। चैत्र नवरात्रि के 9 दिवसीय मेले के दौरान मैहर के शारदा धाम में आस्था का महाकुंभ रहा और 600 फीट की ऊँचाई पर स्थित माता शारदा का दर्शन करने के लिए 9 दिनों में तकरीबन 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन लाभ लेकर पूजा-अर्चना किए है। आंकड़ो पर नजर दौड़ाई जाए तो सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की संख्या नवरात्रि के तीसरे और चौथे दिन रही। दोनों दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मैहर वाली माता के दर्शनलाभ लिए है।

दरअसल इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान मैहर में आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला। यहां 10 लाख की भीड़ के बाद भी दर्शनार्थियों को समस्या का सामना नही करना पड़ा और न ही किसी भी तरह की अव्यवस्था सामने आई है।

600 फिट की उॅचाई पर विराजमान है माता

ज्ञात हो कि मैहर जिला में स्थित मां शारदा देवी मंदिर त्रिकूट पर्वत की चोटी पर लगभग 600 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 1063 सीढ़ियों या रोपवे के माध्यम से पहुँचा जाता है। यह मंदिर अपनी अनूठी मान्यता के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ हर सुबह आल्हा द्वारा पहली पूजा करने की कथा प्रचलित है।

मैहर मां शारदा धाम के प्रमुख तथ्य

पौराणिक मान्यताः यह 51 शक्तिपीठों में से एक है, माना जाता है कि यहाँ माता सती का हार गिरा था, जिससे इसका नाम माई का हार यानि मैहर पड़ा।
आल्हा-उदल का रहस्यः लोक कथाओं के अनुसार, आल्हा आज भी ब्रह्म मुहूर्त में अदृश्य रूप से माता की पूजा करने आते हैं।
दर्शन का समयः सुबह 5ः30 से दोपहर 12ः00 बजे तक और दोपहर 2ः00 से शाम 7ः30 बजे तक।
विशेषताः माता शारदा को विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी माना जाता है।

ऐसा रही चाक-चौबंद व्यवस्था

मैहर के शारदा धाम पहुचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। 16 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए और कई मेडिकल टीमें सक्रिय रहीं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था हो सके। एसपी अवधेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। 2 एडिशनल एसपी, 8 डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर, 15 सब-इंस्पेक्टर और लगभग 560 पुलिस जवान पूरे मेला क्षेत्र में तैनात रहे। 125 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और 2 ड्रोन के माध्यम से भीड़ और गतिविधियों पर निगरानी रखी गई थी।

आंकड़ों के अनुसारः

पहले दिनः करीब 90 हजार श्रद्धालु
दूसरे दिनः 85 हजार
तीसरे दिनः 1 लाख 30 हजार से अधिक
चौथे दिनः 1 लाख 53 हजार 505
पांचवें दिनः 1 लाख 35 हजार 991
छठे दिनः 78 हजार 838
सातवें दिनः 1 लाख 11 हजार 689
आठवें दिनः 92 हजार 324
नवमी (महानवमी)ः 97 हजार 202

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