वेदर न्यूज। इसे ग्लोबल वॉर्मिंग का असर माना जा रहा है कि पूरी दुनिया बदलते मौसम की मार झेल रही है। 100 शहरों में भारत का स्थान 92वें है। मौसम के बदलाव से दिन के साथ अब राते भी गर्म होने लगी है। अब यहां यह सवाल लॉजिब है कि इतनी ज्यादा गर्मी क्यों पड़ रही है?
हीट डोम, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और जलवायु परिवर्तन कारण
जिस तेजी के साथ गर्मी बढ़ रही है उसे मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बढ़ती गर्मी यानी हीट वेव की वजह हीट डोम, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं। हीट डोम गर्म हवा को जमीन के पास कैद कर रहा है और इसकी वजह से वायुमंडल में उच्च दबाव के कारण एक ’अदृश्य ढक्कन’ बन गया है, जो गर्म हवा को ऊपर उठने से रोककर जमीन के करीब ही कैद कर रहा है, जिससे तापमान में भारी वृद्धि हो रही है। पृथ्वी के बढ़ते तापमान के कारण हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता बहुत बढ़ गई है।
जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी वजह
बढ़ता कंक्रीट का जाल गर्मी बढ़ाने का एक कारण माना जा रहा है। शहरों में कंक्रीट की इमारतें और सड़कें दिन भर गर्मी सोखती हैं और रात में छोड़ती हैं, जिससे रातें भी गर्म हो रही हैं। वृक्षों की कमी और गिरते भूजल स्तर के कारण नमी कम हो गई है, जिससे शुष्क गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है।साथ ही जलवायु परिवर्तन भी बड़ी वजह है, जिसमें अल नीनो का प्रभाव और शहरों में कंक्रीट के बढ़ते उपयोग (अर्बन हीट आइलैंड) से तापमान के पार जा रहा है।
स्वास्थ पर प्रतिकूल असर
बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दिन में गर्मी पड़ती है तो रात में शरीर ठंडा होकर रिकवर करता है, लेकिन गर्म रातों में यह राहत नहीं मिलती, इससे डिहाइड्रेशन, नींद खराब होना, हाई ब्लड प्रेशर, थकान, चिड़चिड़ापन और हीट-स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
